क्राइम स्टोरी : दोस्त की कत्ल, रायपुर में चंद रुपयों के खातिर जब दोस्ती बन गई मौत का कारण
प्रस्तुति - 'एम के सरकार', संपादक
'हमसफ़र मित्र न्यूज'
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में होली के दुसरे दिन यानी 5 मार्च 2026 को एक दोस्त ने चंद रुपये के खातिर अपने ही जिगरी दोस्त की हत्या कर दी। हमसफ़र मित्र न्यूज द्वारा क्राइम स्टोरी के इस लेख में दिया गया है संपूर्ण जानकारी। तो पढ़िए इस वारदात के बारे में आपका अपना 'हमसफ़र मित्र न्यूज' में -
रायपुर की शांत सुबह। 5 मार्च 2026 का दिन अभी पूरी तरह चढ़ा भी नहीं था कि फाफाडीह इलाके में अचानक हलचल मच गई। रेलवे इंजीनियरिंग कॉलोनी के पीछे खारुन विहार नाले के पास एक युवक का शव पड़े होने की खबर फैलते ही लोग जमा होने लगे। कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
शव एक युवक का था। चेहरे पर जमी खामोशी और आसपास फैली बेचैनी बता रही थी कि यह कोई सामान्य मौत नहीं है। थोड़ी देर बाद पहचान हुई—वह युवक था 25 वर्षीय राजा साहू, जो चूना भट्ठी इलाके का रहने वाला था।
पुलिस के लिए यह अब एक हत्या का मामला बन चुका था। सवाल था—राजा की जान किसने ली और क्यों?
दोस्ती जो मिसाल मानी जाती थी
राजा साहू और बिट्टू यादव एक ही मोहल्ले में रहते थे। उम्र में थोड़ा फर्क जरूर था, लेकिन दोनों की दोस्ती पूरे इलाके में मशहूर थी। अक्सर दोनों को साथ घूमते, हंसते-बोलते देखा जाता था। किसी ने कभी नहीं सोचा था कि यही दोस्ती एक दिन खून से रंग जाएगी।
जांच में पुलिस को पता चला कि राजा सुबह करीब आठ बजे घर से निकला था। परिवार वालों ने बताया कि वह अपने किसी दोस्त के साथ गया था।
अब पुलिस की नजर उस दोस्त की तलाश में थी।
सीसीटीवी में दिखी सच्चाई
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में जो तस्वीर सामने आई, उसने कहानी की दिशा बदल दी।
वीडियो में साफ दिखाई दे रहा था कि राजा साहू अपने घर से एक युवक के साथ निकला था। जब उस युवक की पहचान की गई तो पता चला कि वह कोई और नहीं, बल्कि उसका पड़ोसी और जिगरी दोस्त बिट्टू यादव था।
अब शक सीधे बिट्टू पर जा टिका।
छोटी सी बात, बड़ा गुस्सा
पुलिस ने बिट्टू यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरू में वह बचने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने सबूत सामने रखे तो आखिरकार वह टूट गया।
पूछताछ में जो कहानी सामने आई, वह चौंकाने वाली थी।
कुछ दिन पहले बिट्टू की गाड़ी में राजा से थोड़ी टूट-फूट हो गई थी। उस नुकसान की भरपाई के लिए बिट्टू बार-बार राजा से पैसे मांग रहा था। लेकिन राजा ने पैसे देने में टालमटोल कर दी।
धीरे-धीरे यह मामूली बात दोनों के बीच मनमुटाव का कारण बन गई।
बहस से शुरू हुआ झगड़ा
घटना वाली सुबह दोनों साथ घूमने निकले थे। रास्ते में फिर वही पैसों की बात छिड़ गई। बहस शुरू हुई और देखते ही देखते झगड़े में बदल गई।
गुस्से में आकर बिट्टू ने अपना आपा खो दिया। आवेश में उसने राजा पर हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि राजा की मौके पर ही मौत हो गई।
अपने दोस्त को खून से लथपथ देखकर भी बिट्टू के कदम नहीं रुके। वह वहां से भाग निकला।
12 घंटे में खुल गया राज
लेकिन अपराध चाहे जितनी चालाकी से किया जाए, सच्चाई ज्यादा देर तक छिपी नहीं रहती।
डीसीपी सेंट्रल जोन के मार्गदर्शन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गंज थाना पुलिस ने अलग-अलग टीमें बनाकर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर बिट्टू यादव को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
एक सबक छोड़ गई यह कहानी
चंद रुपयों का विवाद…
दो दोस्तों के बीच शुरू हुआ एक छोटा सा झगड़ा…
और उसका अंजाम हुआ एक दर्दनाक हत्या।
फाफाडीह की इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि कभी-कभी गुस्से का एक पल पूरी जिंदगी बदल देता है।
दोस्ती की मिसाल बनने वाले दो युवक अब एक ऐसी कहानी का हिस्सा बन चुके हैं, जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे—एक चेतावनी के रूप में।


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