केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कल शुक्रवार को भारत बंद - HUMSAFAR MITRA NEWS

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Thursday, March 25, 2021

 

केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कल भारत बंद

पं. गणेशदत्त राजू तिवारी की रिपोर्ट 

'हमसफर मित्र न्यूज'। 



अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा सहित सैकड़ों किसान संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है।

रायपुरः तीनों कृषि कानून, महंगाई आदि के खिलाफ एक बार फ‍िर आंदोलन तेज किया जा रहा है। 26 मार्च को छत्‍तीसगढ़ बंद रहेगा। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा सहित सैकड़ों किसान संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है।


इसके समर्थन में छत्‍तीसगढ़ के संगठनों ने भी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। संगठनों का कहना है कि किसान विरोधी तीनों कानूनों, बिजली संशोधन कानून को वापस लेने, सी-2 लागत आधारित न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा देने, पेट्रोल-डीजल-गैस की कीमतों को आधा करने, श्रम कानूनों को बहाल करने की मांग को लेकर कल 26 मार्च को भारत बंद है।


इसको छत्तीसगढ़ में सफल करने के लिए छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन से जुड़े घटक संगठन पूरी ताकत से मैदान में उतरेंगे। इन संगठनों में छत्तीसगढ़ किसान सभा, आदिवासी एकता महासभा, राजनांदगांव जिला किसान संघ, हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति (कोरबा, सरगुजा), किसान संघर्ष समिति (कुरूद), आदिवासी महासभा (बस्तर), दलित-आदिवासी मजदूर संगठन (रायगढ़) शामिल हैं।

शुक्रवार को भारत बंद का आह्वान, चक्का जाम करेंगे किसान संगठन

इसके अलावा दलित-आदिवासी मंच (सोनाखान), भारत जन आन्दोलन, गाँव गणराज्य अभियान (सरगुजा), आदिवासी जन वन अधिकार मंच (कांकेर), पेंड्रावन जलाशय बचाओ किसान संघर्ष समिति (बंगोली, रायपुर), उद्योग प्रभावित किसान संघ (बलौदाबाजार), रिछारिया केम्पेन, छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान सभा, छत्तीसगढ़ किसान महासभा, परलकोट किसान कल्याण संघ, वनाधिकार संघर्ष समिति (धमतरी), आंचलिक किसान संघ (सरिया) आदि संगठन शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन के संयोजक सुदेश टीकम, छत्तीसगढ़ किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते ने बताया कि किसान संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद को माकपा सहित सभी वामपंथी पार्टियों, कांग्रेस और अन्य संगठनों का भी राजनैतिक समर्थन मिल रहा है। कारपोरेपरस्त कानून ग्रामीण जनजीवन को तहस-नहस करेंगे।देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करेंगे। इन कानूनों को वापस लेने के सिवा और कोई रास्ता नहीं है।

इसलिए 'कारपोरेट भगाओ-खेती-किसानी बचाओ-देश बचाओ' के केंद्रीय नारे पर इस आंदोलन का आयोजन किया जा रहा है। देशव्यापी किसान आंदोलन के लिए उन्होंने मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि देश संसदीय बहुमत की तानाशाही से नहीं, बल्कि राजनैतिक मुद्दों पर आम सहमति और संवाद से चलता है।

किसान नेताओं ने बताया कि बंद की सफलता के लिए आज पूरे प्रदेश में जनसंपर्क अभियान चलाया गया है और कस्बों में व्यापारियों से दुकानें और गांवों में ग्रामीणों से रोजमर्रा के कामकाज बंद रखने की अपील की गई। कल पूरे प्रदेश में रास्ते रोके जाएंगे। मोदी-अडानी-अंबानी के पुतले जलाए जाएंगे। धरना-प्रदर्शन भी किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन ने आम जनता के सभी तबकों से भारत बंद को सक्रिय समर्थन व सहयोग देने की अपील की है।

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