सुबह के समय हार्ट अटैक क्यों होते हैं ज्यादा खतरनाक? जानिए इसके वैज्ञानिक कारण और बचाव के उपाय
लेखक/संपादक - एम के सरकार, बिल्हा
'हमसफ़र मित्र न्यूज'
दिल की बीमारियाँ आज दुनियाभर में मौत की सबसे बड़ी वजह बन चुकी हैं। भारत में भी हार्ट अटैक के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, खासकर युवाओं और कामकाजी वर्ग में। डॉक्टरों और कई मेडिकल रिसर्च के अनुसार, सुबह के समय होने वाला हार्ट अटैक दिन के अन्य समय की तुलना में ज्यादा गंभीर और जानलेवा साबित हो सकता है। सवाल यह है कि आखिर सुबह ही दिल के दौरे का खतरा क्यों बढ़ जाता है? हमनें देखें हैं सुबह उठकर मॉर्निंग वॉक करते हुए या एक्सरसाइज करते हुए अचानक हार्ट अटैक आ गया। आइए 'हमसफ़र मित्र न्यूज' के माध्यम से इस बार जानते हैं कि आखिर सुबह के समय ही ज्यादातर हार्ट अटैक क्यों आता है...
सुबह के समय हार्ट अटैक ज्यादा क्यों होते हैं?
1. शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक निभाती है अहम भूमिका
मानव शरीर एक प्राकृतिक जैविक घड़ी यानी सर्कैडियन रिद्म के अनुसार काम करता है। यही घड़ी हार्मोन, ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को नियंत्रित करती है।
सुबह 6 से 12 बजे के बीच शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर सबसे अधिक होता है। इसके कारण:
ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ता है
दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है
ऑक्सीजन की मांग बढ़ जाती है
यदि धमनियाँ पहले से संकरी हों, तो हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
2. सुबह खून ज्यादा गाढ़ा हो जाता है
सुबह के समय शरीर में पानी की मात्रा कम होती है, जिससे खून की गाढ़ापन (विस्कोसिटी) बढ़ जाती है। इससे:
ब्लड क्लॉट बनने की संभावना बढ़ती है
दिल की नसों में रुकावट पैदा हो सकती है
यही रुकावट हार्ट अटैक का मुख्य कारण बनती है।
3. प्लेटलेट्स की सक्रियता बढ़ जाती है
सुबह के समय प्लेटलेट्स यानी खून जमाने वाली कोशिकाएं ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं। जिन लोगों की धमनियों में पहले से फैट या कोलेस्ट्रॉल जमा होता है, उनके लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है।
4. लक्षणों को नजरअंदाज कर देना
सुबह के समय सीने में दर्द, थकान, सांस फूलना या बेचैनी को अक्सर लोग गैस, नींद की कमी या सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इसी वजह से इलाज में देरी होती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है।
सुबह के हार्ट अटैक से बचाव के उपाय
👉 हड़बड़ी में बिस्तर से न उठें
नींद से जागने के बाद तुरंत खड़े न हों। पहले कुछ देर बैठें, फिर धीरे-धीरे उठें।
✔️ उठते ही पानी पिएं
एक गिलास पानी खून को पतला करता है और क्लॉट बनने का खतरा कम करता है।
✔️ हार्ड एक्सरसाइज से बचें
सुबह के समय भारी व्यायाम दिल पर दबाव डाल सकता है। हल्की स्ट्रेचिंग या वॉक बेहतर है।
✔️ नियमित हेल्थ चेकअप कराएं
ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखें।
✔️ पर्याप्त नींद लें
7–8 घंटे की गहरी नींद हार्मोन संतुलन के लिए जरूरी है।
✔️ लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या बाएं हाथ में दर्द को नजरअंदाज न करें।
क्या कहते हैं डॉक्टर
हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह के समय हार्ट अटैक के पीछे हार्मोनल बदलाव, खून की संरचना और जीवनशैली से जुड़े कारण जिम्मेदार होते हैं। समय पर सतर्कता और सही आदतें अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
निष्कर्ष
सुबह का समय दिल के लिए सबसे संवेदनशील माना जाता है। अगर हम अपने शरीर के संकेतों को समझें और छोटी-छोटी सावधानियाँ अपनाएं, तो जान बचाई जा सकती है।
दिल है तो ज़िंदगी है — इसलिए सुबह के समय अपने दिल का खास ख्याल रखें।
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