'सेहत'
क्या है यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI): आसानी से जानें इसका कारण, लक्षण और बचाव
लेखक - एम के सरकार (संपादक), बिल्हा
'हमसफ़र मित्र न्यूज'
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन यानी यूटीआई एक सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्या है। यह मुख्य रूप से बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होती है, जो हमारे मूत्र मार्ग के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है। समय पर इलाज न हो तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
यूटीआई क्या है?
यूटीआई हमारे यूरिनरी सिस्टम का संक्रमण है। इस सिस्टम में—
किडनी
यूरिनरी ब्लैडर
यूरेथ्रा (मूत्रमार्ग)
शामिल होते हैं। जब इनमें से कोई भी अंग संक्रमित हो जाता है, तो उसे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन कहा जाता है। अधिकतर मामलों में संक्रमण निचले मूत्र मार्ग यानी यूरेथ्रा और ब्लैडर तक सीमित रहता है।
यूटीआई के मुख्य कारण
यूटीआई का सबसे आम कारण ई-कोलाई (E. coli) नामक बैक्टीरिया है, जो सामान्यतः आंतों में पाया जाता है। इसके अलावा कुछ मामलों में अन्य बैक्टीरिया, फंगस और परजीवी भी जिम्मेदार हो सकते हैं।
यूटीआई होने के प्रमुख कारण—
पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई में कमी
प्रौस्टेट का बढ़ना (पुरुषों में)
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना
लंबे समय तक पेशाब रोकना
पर्याप्त पानी न पीना
मौसम की बात करें तो मॉनसून के दौरान नमी और गर्मी के कारण बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
महिलाओं में यूटीआई ज्यादा क्यों?
यूटीआई पुरुषों और महिलाओं—दोनों में होती है, लेकिन महिलाओं में इसका खतरा अधिक रहता है। इसकी मुख्य वजह यह है कि महिलाओं का यूरिनरी ट्रैक्ट पुरुषों की तुलना में छोटा होता है, जिससे बैक्टीरिया आसानी से ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं।
यूटीआई के आम लक्षण
पेशाब में जलन या दर्द
बार-बार पेशाब आना
पेशाब में दुर्गंध या मटमैला रंग
निचले पेट या कमर में दर्द
कभी-कभी बुखार या कमजोरी
यूटीआई से बचाव के उपाय
कुछ आसान आदतें अपनाकर यूटीआई से काफी हद तक बचा जा सकता है—
✔️ व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें
✔️ यौन संबंध से पहले और बाद में पेशाब करें
✔️ दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें
✔️ पेशाब को लंबे समय तक न रोकें
✔️ क्रैनबेरी फल या उसका जूस सेवन करें
✔️ अनानास का जूस भी संक्रमण का खतरा कम करता है
✔️ विटामिन C युक्त आहार लें, इससे बैक्टीरिया पनप नहीं पाते
निष्कर्ष:
यूटीआई कोई बहुत गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन इसे नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है। सही समय पर जांच, इलाज और साफ-सफाई से इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है। यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
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