आत्महत्या का मामला:सफाई सुपरवाइजर की खुदकुशी के बाद निगम बिल्डिंग में सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
वीडियो फुटेज में खुदकुशी से पहले अब्दुल एक बार बाहर विकास भवन से बाहर आ गए थे।
हादसे के दौरान चौकीदार गायब, 3.30 घंटे बंद रहा सीसी कैमरा, 300 फाइलों की चोरी की घटना के बाद भी नहीं चेता प्रशासन, अब कह रहे सुरक्षा के इंतजाम करेंगे
पं. गणेशदत्त राजू तिवारी की रिपोर्ट
'हमसफर मित्र न्यूज'
निगम के विकास भवन की तीसरी मंजिल में रविवार की शाम चेनल गेट पर सफाई सुपरवाइजर अब्दुल हफीज के फांसी लगाकर खुदकुशी करने के मामले से पूरी बिल्डिंग में सुरक्षा को लेकर सवाल उठ ख़ड़े हुए हैं। वीडियो फुटेज में अब्दुल हादसे के पूर्व पूरी बिल्डिंग में खुदकुशी के लिए बेचैनी से एकांत जगह ढूंढते नजर आए।
बड़ा सवाल यह है कि वह करीब 17 मिनट तक बिल्डिंग के हर फ्लोर पर घूमते रहे, पंरतु किसी ने उन्हें नहीं देखा। हादसा रविवार की शाम 5.24 बजे के बाद का है। इस दौरान बिल्डिंग में चीफ इंजीनियर, उनका अॉपरेटर, अपर आयुक्त के क्लर्क, ऑपरेटर अपने अपने कार्यों को लेकर सेकंड फ्लोर के चेंबर में थे।
जल विभाग और लायंस के कर्मचारी भी अपने अपने कार्यों से आते जाते रहे, परंतु किसी ने अब्दुल को नहीं देखा। यानी कि बिल्डिंग में यदि कोई किसी गलत इरादे से पहुंच जाए तो उसे रोका नहीं जा सकेगा? तब जबकि सीसी कैमरा हादसे के कुछ घंटे पहले बंद हो गया था। फुटेज में सुबह 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे ब्लैंक नजर आ रहा है,क्योंकि उस वक्त बिजली बंद थी और सीसी कैमरे के निर्बाध रूप से संचालन के लिए इन्वर्टर की व्यवस्था नहीं है।
सीसी कैमरे के साथ बैटरी बैक अप क्यों नहीं लगाया? ईई सुब्रत कर के पास इसका कोई जवाब नहीं है। उन्होंने कहा कि इसे एई सोमशेखर विश्वकर्मा ने इंस्टॉल करवाया है। वही बता पाएंगे। बता दें कि 1997-98 में निगम के राघवेंद्र राव सभा भवन कार्यालय से बाजार विभाग की 300 फाइलें चोरी हो गई थीं। इन सबके के बावजूद नेहरू चौक जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर निगम कार्यालय, जहां कई विभागों की जरूरी फाइलें रहती हैं।
हादसा दोपहर पूर्व होता तो सुराग ढूंढने में मुश्किल होती
हादसे के बाद मृतक के दामाद असलम ने हत्या की आशंका जाहिर की थी। चूंकि वीडियो फुटेज में अब्दुल अकेले बिल्डिंग में घूमते नजर आए, इसलिए उनकी हत्या की आशंका निर्मूल साबित हो जाती है। लेकिन यदि हादसा सुबह 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे के पहले होता तो इस बात का पता लगाना मुश्किल होता कि अब्दुल अकेले विकास भवन पहुंचे या फिर किसी के साथ आए थे, जिस पर हत्या का शक किया जाता।
खुदकुशी शायद टल जाती
अब्दुल रविवार की शाम 5 बजकर 6 मिनट पर मेन गेट से दाखिल हुए। सामने विजिटर चेयर पर बैठ कर पानी पीया। 5.9 बजे फर्स्ट फ्लोर पर गए, गलियारे में घूमते दिखे, 5.14 बजे वापस सीढ़ियों से लौटे और 5.15 बजे मेन गेट से बाहर निकल आए। शायद उन्होंने अपना इरादा बदल दिया।
इस दौरान चौकीदार राजेश त्रिपाठी की ड्यूटी थी, लेकिन उसने उन्हें नहीं देखा। जबकि अब्दुल दोबारा 5.15 बजे फिर मेन गेट से अंदर होते हुए तीनों फ्लोर में घूमते हुए 5.24 बजे तीसरी मंजिल पर पहुंचे, जहां उन्होंने खुदकुशी की। यदि उन्हें कोई देख लेता तो शायद हादसा टल जाता।
शार्ट टर्म पीएम रिपोर्ट में हैंगिंग
निगम सफाई सुपरवाइजर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में सिविल लाइन पुलिस को शार्ट टर्म पीएम रिपोर्ट मिली है। सीएसपी स्नेहिल साहु के अनुसार डॉक्टरों ने उसके मौत का कारण हैंगिग बताया है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है।
सिक्योरिटी गॉर्ड रखे जाएंगे
निगम बिल्डिंग में बिना बैट्री बैक अप के सीसी कैमरा लगाया गया, यह चूक कैसे हुई?
-ऐसा नहीं होना चाहिए। इलेक्ट्रिकल इंजीनियर या संबंधितों को बैट्री बैक अप लगाने कहेंगे।
इतनी अहम बिल्डिंग में सिक्योरिटी गार्ड तक नहीं है? -यह सही है, यहां सिक्योरिटी गार्ड होना चाहिए। इसका प्रस्ताव रखेंगे।


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