मृत्यु प्रमाण दिलवा दो सरकार:300 मामले अटके, किसी ने तीन महीने पहले किया आवेदन, कोई अभी भी भटक रहा
कोरोना के बाद सबसे ज्यादा जरूरत इस अहम प्रपत्र की, नगर निगम अधिकारियों के चलते आधा शहर परेशान
पं. गणेशदत्त राजू तिवारी की रिपोर्ट
'हमसफर मित्र न्यूज'
नगर निगम के अधिकारी कोरोना के इस दौर में जरूरतमंदों को मृत्यु प्रमाण पत्र पाने भटका रहे हैं। ऐसा हफ्ते या महीने से नहीं बल्कि तीन से चार महीने से चल रहा है। किसी जोन में कर्मचारियों की लापरवाही के चलते प्रक्रिया अटकी है। तो कहीं दूसरी दिक्कतें हैं। कुछ जगहों पर ऐसी भी शिकायत है कि बाहरी व्यक्ति ज्यादा आसानी से यहां प्रमाण पत्र दिलाने का काम करवा ले रहा है।
इसलिए कर्मचारी सीधे तौर पर आवेदनों को रोक रहे हैं। इसलिए मृत्यु प्रमाण पत्र के 300 मामले अटके हैं। दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में मेयर रामशरण यादव खुद बता रहे हैं कि निगम कर्मचारियों के इस कृत्य से आधा शहर परेशान है। उनके मुताबिक उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को कहा है कि अब जोन के अधिकारियों को इसके लिए अधिकृत किया जाए और इस प्रमाण पत्र के लिए उन्हें नगर निगम मुख्यालय में आकर नहीं भटकना पड़े। शहर 70 वार्ड का हो चुका है। आसपास के गांव निगम क्षेत्र के हिस्से में शामिल हो चुके है। इसे देखते हुए ही निगम ने 8 जोन बनाकर इसे वार्ड के हिसाब से विभाजित किया है।
जानिए, कैसे परेशान हो रहे जरूरतमंद
केस 1 कर्मचारी ने बताई दस्तावेज की प्रक्रियाएं, फिर नहीं गया
बंगालीपारा के रहने वाले अभिनव शर्मा ने बताया कि उनके रिश्तेदार की मृत्यु कोरोना से हो गई है। यह तीन महीने पहले की बात है। उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र की जरूरत थी। वे संबंधित जोन में पहुंचे। यहां उन्होंने प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पूछी। कर्मचारियों ने बताया कि इसके लिए आवेदन यहां करना होगा। मिलेगा निगम के मुख्यालय में।
यही नहीं यह भी बताया गया कि यदि उनके रिश्तेदार की घर में मृत्यु हुई है तो पार्षद का। अस्पताल में हुई तो अस्पताल का दस्तावेज लगेगा। नगर निगम की एक पीली कॉपी। आधार कार्ड और दूसरे दस्तावेज लगेंगे।
केस 2 पिता की मौत, अब मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भटकाव
सरकंडा में रहने वाले प्रकाश सराफ के पिता शिव कुमार सराफ की मृत्यु 66 साल की उम्र में हो गई। कोरोना से पिता की मृत्यु के बाद उन्हें प्रमाण पत्र की जरूरत है। उन्होंने आवेदन किया है, पर अभी तक उन्हें यह प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है। वे लगातार कर्मचारियों से आग्रह कर रहे हैं कि उन्हें जरूरी काम है। लेकिन अभी तक उन्हें कर्मचारी घुमा रहे हैं। यही कारण है कि वे परेशान हैं। उनके पास इसके लिए अलावा कोई चारा नहीं है।
मैंने सरलीकरण के निर्देश दिए हैं?
क्या वजह है कि मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा? मृत्यु प्रमाण को लेकर कुछ समस्याएं हैं, मेरे संज्ञान में मामला आया है। मैं देख रहा हूं।
इसे कैसे ठीक करेंगे, लोग भटक रहे, परेशान हो रहे? - इसे लेकर आयुक्त से मेरी बात हुई है। लोगों की दिक्कत दूर करने का कहा है।
आपके नगरीय प्रशासन मंत्री से भी इस संदर्भ में कुछ बात की थी? - हां मैंने उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में चल रही परेशानी उन्हें बताई थी। इसे सुधरवाने की बात भी कही गई।
मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर लोगों को परेशानी हो रही, व्यवस्था सुधारने निगम क्या कर रहा है? - हमने मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर मंगलवार को बैठक की है। जोन कर्मचारियों को इसके लिए अधिकृत करने पर विचार किया जा रहा है। कहां परेशानी आ रही है, आखिर क्यों व्यवस्था सुधर नहीं पा रही? - मृतक के संबंध में अस्पताल से आने वाली पर्ची मैनुअल आ रही। इसके वेरीफिकेशन में वक्त लग रहा। कभी सर्वर डाउन भी समस्या बढ़ा रही।
कब तक लोगों में भटकाव की स्थिति रहेगी, कब यह अव्यवस्था सुधरेगी? - जल्द सब कुछ ठीक होगा। आगे हम इसी काम में जुटे हैं।


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