हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई:मोहनभाठा की करोड़ों की जमीन के दस्तावेज गायब, शासन को 4 सप्ताह में जवाब देने कहा गया है
पं. गणेशदत्त राजू तिवारी की रिपोर्ट
'हमसफर मित्र न्यूज'
बिलासपुरःमोहनभाठा की करोड़ों की जमीन के दस्तावेज एसडीएम कार्यालय कोटा और कलेक्टर कार्यालय बिलासपुर से गायब हो गए हैं। इसकी जानकारी सूचना के अधिकार में मांगने पर नहीं मिली तब हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए राज्य शासन से 4 सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई न्यायाधीश गौतम भादुड़ी की एकलपीठ में हुई।
संजय छापरिया ने अधिवक्ता गालिब द्विवेदी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसमें कहा कि उन्होंने और उनके अधिवक्ता ने राजस्व निरीक्षक मंडल तखतपुर जिला बिलासपुर के अंतर्गत मोहनभाठा हल्का नंबर 20 में स्थित जमीन के दस्तावजों की मांग के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भू अर्जन अधिकारी कोटा के समक्ष आवेदन लगाया था। जिस पर अनुविभागीय अधिकारी कोटा ने जानकारी दी कि उनकी जमीन रक्षा मंत्रालय की अर्जित सूची में शामिल है। मूल नस्ती कलेक्टर भू अभिलेख शाखा जिला बिलासपुर को 30 सितंबर 2015 को भेजी जा चुकी है। दस्तावेज नस्ती के अभाव में वांछित जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। इसके बाद याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कलेक्टर कार्यालय में सूचना के अधिकार के अंतर्गत भू अभिलेख शाखा से जानकारी मांगने आवेदन दिया। कलेक्टर द्वारा जानकारी दी गई की उनके पास आवक पंजी सितंबर-अक्टूबर 2015 में अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कोटा द्वारा उल्लेखित पत्र व नस्ती प्राप्त ही नहीं हुआ है। एसडीओ और कलेक्टर से जानकारी नहीं मिलने पर याचिकाकर्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर किया। याचिकाकर्ता की ओर अधिवक्ता भारत गुलाबानी व गालिब द्विवेदी ने रिट याचिका में न्यायालय के समक्ष तर्क प्रस्तुत किया। इसमें कहा गया कि याचिकाकर्ता की जमीन मोहनभाठा में स्थित है, जिसे शासन बी-1 पी-2 में रक्षा मंत्रालय की अर्जित सूची में दिखा रहा है। जबकि उनको इसकी जानकारी या नोटिस ही नहीं दिया गया है। हाईकोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए राज्य शासन से 4 सप्ताह में जवाब मांगा है कि रक्षा मंत्रालय की अर्जित सूची में जो नाम लोगों के दर्ज हैं, वह किस आधार पर किए गए हैं।


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