संस्कार साहित्य मंच में आॅनलाइन काव्यगोष्ठी
कवि परमानंद निषाद की रिपोर्ट
'हमसफर मित्र न्यूज'
गत दिनांक 1 मई दिन शनिवार को मंच के संस्थापक श्री परशुराम चौहान एवं उपाध्यक्ष श्रीमती सुकमोती चौहान रूचि जी की शादी की सोलहवीं वर्षगांठ पर संस्कार साहित्य मंच के व्हाट्सएप पटल पर आॅनलाइन काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेमचंद साव प्रेम जी ने की तथा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में परशुराम चौहान जी एवं सुकमोती चौहान रूचि जी ने मंच पर अपनी गरिमामई उपस्थिति दी। कार्यक्रम की शुरुआत माँ शारदे वंदन एवं राजगीत गायन से हुई। तत् पश्चात सुन्दर लाल डडसेना मधुर एवं विनोद कुमार जोगी के साझा मंच संचालन से काव्यपाठ की शुरुआत की गई। प्रथम काव्य आहुति स्वरूप विनोद कुमार जोगी ने मजदूरों पर सुन्दर दोहे एवं कुण्डलियां प्रस्तुत की, अगली कड़ी में मधुरिम स्वर के धनी तेरस कैवर्त्य आँसू जी ने बहुत ही मनमोहक श्रृंगार रस से श्रृंगारित छत्तीसगढ़ गीत प्रस्तुत किया। अगले क्रम में सुंदर लाल डडसेना मधुर जी ने मजदूरों पर बेहतरीन मुक्तक प्रस्तुत किया, मंच के जाने माने ग़ज़लकार परशुराम चौहान जी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में अपनी अर्धांगिनी को समर्पित सुमधुर ग़ज़ल का गायन किया। फिर मानक दास मानिकपुरी उर्फ मानक छत्तीसगढ़िया जी ने अपने व्यंग्य शैली में आधुनिक और पुरातन शैली में सामंजस्य बिठाते हुए छत्तीसगढ़ी रैंप सांग प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में प्रेमचंद साव प्रेम ने जीवन के फलसफों को शब्दों में पिरोकर शानदार दोहे प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की अगली कड़ी में सुकमोती चौहान रूचि ने बहुत ही लाजवाब छंदमुक्त कविता का वाचन किया।
कार्यक्रम के अंत में सुकमोती चौहान रूचि, परशुराम चौहान एवं प्रेमचंद साव प्रेम जी ने आभार व्यक्त करते हुए सफलतम कार्यक्रम आयोजन हेतु सभी साहित्यकारों को बधाई दी साथ ही आगे भी इसी तरह के कार्यक्रम के आयोजन की कामना के साथ कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की।


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