देश में सर्वप्रथम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने किया था- गुरुदयाल सिंह बंजारे
नवागढ़ से दुजेय साहू की रिपोर्ट
'हमसफर मित्र न्यूज'।
नवागढ़-छग शासन के स्वास्थ्य एवं पंचायत विभाग के संसदीय सचिव नवागढ़ विधायक गुरुदयाल सिंह बंजारे ने कहा देश मे सर्वप्रथम समर्थन मूल्य में धान खरीदी छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम कार्यकाल में किया गया था,
कांग्रेस ने 2018 के विधानसभा चुनाव में अपना जनघोषणा पत्र बनाया और सरकार बनने के बाद किस्तों में समर्थन मूल्य में धान खरीदी शुरू की थी,सरकार बनने के बाद से प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़िया माटी पुत्र भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश के किसानो और गरीबो के लिए नरवा,गरवा,घुरवा,बाड़ी,किसान न्याय योजना,गोधन योजना जैसे विभिन्न योजनाओं के मैदानी स्तर पर सफलता पूर्वक क्रियान्वयन कर प्रदेश के किसानो को लाभ पहुंचा कर खुशहाल और समृद्ध बना रहे है।
देश की मोदी सरकार आज उसी समर्थन मूल्य को जो किसानों का सुरक्षा कवच है उस पर किसान और कृषि विरोधी नीति लाकर उस पर चोट पहुंचाने का काम कर रही है।
संसदीय सचिव बंजारे ने केंद्र सरकार की इस किसान विरोधी नीति को किसानों के लिए विध्वंसकारी और इस अध्यादेश को अप्रत्यक्ष रूप से किसानों को गुलाम बनाने का आदेश बताया है।
श्री बंजारे ने कहा इस नीति का विरोध न सिर्फ किसान और विपक्षी दल कर रहे है बल्कि भाजपा के घटक दल भी कर रहे। एक तरफ तो केंद्र सरकार आत्मनिर्भर होने का नारा देती है वहीं देश के आधार स्तम्भ किसानों को पूंजीपतियों और उद्योगपतियों का गुलाम बनाना चाहते है।
बंजारे ने आगे कहा की नोटबंदी से लेकर जीएसटी और लॉकडाउन तक के सभी निर्णय असफल साबित हुए है और अब यह किसान निति भी असफल साबित होगी। इसका मूल कारण नीतियों के बारे में किसी भी अन्य दल के लोगो से सरकार के द्वारा राय शुमारी नहीं करना प्रमुख है,और ये केंद्र की मोदी सरकार की तानाशाही नीतियों का ही परिणाम है,जो अब इस निति के खिलाफ पुरे देश में अन्य विरोधी दलो के साथ केंद्र सरकार के सहयोगी दलो और देश के कई किसान संगठन भी विरोध में सड़को पर उतर गए है।
प्रधानमंत्री जी ने इस अध्यादेश को एक देश एक बाजार बताया है जबकि वास्तव में यह नीति किसानो को बेबस और लाचार कर देगा।
संसदीय सचिव गुरुदयाल सिंह बंजारे ने केंद्र सरकार से मांग किया की अगर केंद्र की मोदी सरकार अपने आप को कथित तौर पर किसानो की मददगार कह रही है तो उनको एमएसपी गारंटी कानून बनाना चहिये,जिससे मंडी के अलावा किसान कही अन्य किसी भी जगह बड़े व्यापारी को अपना अनाज बेचते है तो उनको सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही ख़रीदा जाए जिससे वास्तविक रूप से किसानो को फायदा होगा।


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