कविता
प्यारा भारत।।
![]() |
| Add caption |
कवि - एम एल तिवारी, गोढ़ी।
'हमसफर मित्र न्यूज'।
प्यारा भारत देश हमारा सदियो से ही महान है।मातृभूमि की पावन मिट्टी हम सब की ए जान है।
दिल्ली है दिल वालों की जो भारत की पहचान है।।
उत्तर मे है खड़ा हिमालय रक्षक बड़ा हमारा।
गंगा यमुना सरस्वती की बहती निर्मल धारा।
जहां सवेरा गाता आये शाम सुर लय तान है।
ऋषि मुनि और ज्ञानी ध्यानी गुणी रहा करते थे।
शांतिनिकेतन शांति प्रेम का ज्ञान दिया करते थे।
जगत गुरु फिर से बन जाये हम सबका अरमान है।
जाति धर्म के भेदभाव को जड़ से हमें मिटाना है।
बैर भाव अब नहीं रहेगा दिल मे हमनें ठाना है।
मंगल ग्रह मे पहुंच चूके है छेड़ दिया अभियान है।।
करें परिश्रम बहे पसीना जन जन मे उल्लास जगाये
इस धरती को स्वर्ग बना दे भिन्न भिन्न हर फसल उगाये।।
पीली पीली सरसों फूले पीला पीला धान है।।


No comments:
Post a Comment