मानसून के आगमन से प्रवासी पक्षियों से गांव हुआ सुमधुर
नवागढ़ से दुजेय साहू।
'हमसफर मित्र'।
नवागढ़। मानसून आते ही छत्तीसगढ़ में दूसरी देशों से एवं विदेशी पक्षियों का आना शुरू हो जाता है. छत्तीसगढ़ में बेमेतरा जिले के नवागढ ब्लॉक में कटई एक एसा गांव है, जहां साइबेरियन पक्षियों का आना हर साल होता है. पक्षी कहां से आते हैं और कहां जाते हैं गांव वालों को नहीं पता, लेकिन गांव वालों का मानना है कि मानसून शुरू होने से 15 दिन पहले यह पक्षी गांव के पेड़ों मैं आकर अपना बसेरा बना लेते हैं गांव वालों को मानना है इनकी आने से हमेशा मानसून अच्छी होती है और गांव में तरह किसी तरह हानि नहीं होती है।छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में मानसून ने दस्तक दे दी है. मानसून के आते ही किसान अपनी खेती किसानी को ओर रुख करते हैं, प्रदेश के बेमेतरा जिले के नवागढ कटई क्षेत्र में प्रकृति ने जहां उपजाऊ भूमि देकर किसानों को निहाल किया है. वहीं इस क्षेत्र में हर साल की तरह इस साल भी मानसून के आने का सन्देश लेकर साइबेरियन पक्षियों का आना शुरु हो गया है. ये पक्षी हर साल जून के महीने में इस क्षेत्र के कटई गांव में पहुंच जाते हैं और चार महीने यहां रहने के बाद यहां से चले जाते हैं. गांव वालों ने बताया कि ये पंक्षी मानसून के आगमन के 10-15 दिन पहले आते है जो मानसून के आगमन के दिकसूचक है वही ये पक्षी यदि बीच मे ही अपने अंडा बच्चे छोड़ के चले गए तो अकाल की भी तय मानी जाती है। गांव में करीब 50 वर्षो से लगातार ये पक्षी आ रहे है जिसे ग्रामीण भगवान की तरह मानते है और कोई हानि नही पहुंचते।


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