छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी की निधन, वे 74 वर्ष के थे
रिपोर्ट - मनितोष सरकार (संपादक)
'हमसफर मित्र'। 29 मई शुक्रवार।
छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री रहे श्री अजीत प्रमोद जोगी का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 9 मई से रायपुर के नारायण अस्पताल में भर्ती थे। जहां आज फिर से कार्डियक अरेस्ट आने से दोपहर साढ़े तीन बजे निधन हो गया। वे 74 वर्ष के थे।
श्री जोगी का जन्म 29 अप्रैल 1946 सोमवार को तत्कालीन बिलासपुर जिले के पेंड्रा क्षेत्र के जोगीडोंगरी नामक गांव में हुआ था। इन्होंने गांव में पढाई करने के बाद वर्ष 1968 में भोपाल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की जिसमें इन्हें गोल्ड मेडल प्राप्त हुए थे। बाद में रायपुर में लेक्चरर का काम करते हुए उनका चयन आईपीएस फिर आईएस के लिए चयन हुआ।
राजनीति में आने के पहले श्री अजीत जोगी इंदौर में कलेक्टर के पद पर था। वर्ष 1986 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी से प्रभावित होकर और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के कहने पर राजनीति में आए तथा कांग्रेस पार्टी से जुड़ गए। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के पहले वर्ष 1998 के चुनाव में रायगढ़ के सांसद बने और फिर 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 9 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और 6 दिसंबर 2003 तक मुख्यमंत्री बने रहे।
वर्तमान में श्री जोगी खुद का बनाया हुआ क्षेत्रीय पार्टी के प्रमुख रहा। 6 जून 2016 को कांग्रेस पार्टी से बगावत होने के बाद उन्होंने 'जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़' के नाम से नया पार्टी का गठन किया था। चुनाव चिन्ह हल चलाते बैल होने के कारण इसे किसानों का पार्टी भी कहा जाता था।
इससे पहले श्री जोगी को 30 मई 2018 को भी दिल का दौरा पड़ा था। उस समय गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था जहां से स्वास्थ्य लाभ कर घर लौटे थे। इसी महीने 9 मई को गंगा इमली खाते समय उन्हें अटैक आया और गंभीर हालत में रायपुर के एक निजी अस्पताल नारायण अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनका आज फिर अटैक आया। डॉक्टरों के टीम ने उन्हें बचाने का भरपूर प्रयास किया आखिरकार आज 29 मई शुक्रवार को दोपहर साढ़े तीन बजे निधन हो गया।
श्री जोगी का अंतिम संस्कार शनिवार को गौरेला में किया जाएगा। इनके निधन पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 3 दिन की राजकीय शोक की घोषणा की।


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