जन्मदिन पर याद आए स्व. जेपी तिवारी: जनसेवा को समर्पित एक युवा चेहरा, जिसकी यादें आज भी हैं जीवंत
बिल्हा की माटी से उठकर जनसेवा के क्षेत्र में बनाई अलग पहचान
संपादक - डॉ. मनितोष सरकार, बिल्हा,
'हमसफ़र मित्र न्यूज'
बिल्हा। आज 4 सितंबर का दिन स्वर्गीय जयप्रकाश (जेपी) तिवारी के चाहने वालों और शुभचिंतकों के लिए भावुक कर देने वाला है। आज उनका 48वां जन्मदिन है। यह वह दिन है, जब बिल्हा क्षेत्र के ग्राम गोढ़ी में 4 सितंबर 1979, मंगलवार को बैंक मैनेजर श्री मिठाईलाल तिवारी के घर एक ऐसे बालक ने जन्म लिया था, जिसने आगे चलकर अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और जनसेवा की भावना से क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।
जेपी तिवारी ने युवा अवस्था में ही सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी थी। वे बिल्हा क्षेत्र के प्रथम युवा कांग्रेस अध्यक्ष बने और युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने तथा जनहित के कार्यों में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते रहे।
उनका व्यक्तित्व केवल राजनीति तक सीमित नहीं था। वे लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहने वाले और जरूरतमंदों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहने वाले व्यक्ति के रूप में याद किए जाते हैं। उनके मित्रों, सहयोगियों और क्षेत्रवासियों के लिए जेपी केवल एक राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं, बल्कि एक अपनापन रखने वाले, सहज और संवेदनशील इंसान थे।
अप्रैल में अचानक थम गई जीवन की यात्रा
दुर्भाग्य से इसी वर्ष अप्रैल महीने में उनका आकस्मिक निधन हो गया। उनके असमय चले जाने से परिवार, मित्रों, राजनीतिक सहयोगियों और परिचितों के बीच गहरा शोक व्याप्त हुआ। एक ऐसा व्यक्तित्व, जो हमेशा लोगों के बीच सक्रिय दिखाई देता था, अचानक स्मृतियों का हिस्सा बन गया।
आज उनके जन्मदिन पर जब लोग उन्हें याद कर रहे हैं, तो आंखों के सामने उनकी मुस्कुराती हुई छवि, मिलनसार व्यवहार और जनसेवा के प्रति समर्पण उभर आता है।
जन्मदिन अब उत्सव नहीं, स्मृतियों का दिन है
कुछ जन्मदिन ऐसे होते हैं, जिन्हें मनाया नहीं जाता, बल्कि याद किया जाता है। स्व. जेपी तिवारी का आज का जन्मदिन भी ऐसा ही एक अवसर है। उनके परिवार और शुभचिंतकों के लिए यह दिन उनके जीवन, उनके संघर्ष, उनके सामाजिक योगदान और उनके साथ बिताए अनगिनत पलों को याद करने का दिन है।
किसी इंसान की जिंदगी की असली पहचान उसके पद या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि इस बात से होती है कि उसके जाने के बाद लोग उसे किस रूप में याद करते हैं। जेपी तिवारी ने अपने पीछे ऐसी ही यादें छोड़ी हैं, जो उनके अपने लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी।
आज कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर उनके जन्मदिन पर 'हमसफ़र मित्र न्यूज' के संपादक परम मित्र मनितोष सरकार एवं परिवार की ओर से स्व. जेपी तिवारी को विनम्र श्रद्धांजलि।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति दें।
“इंसान चला जाता है, लेकिन उसके अच्छे कर्म और उसकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहती हैं।”


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