'कहानी'
ईश्वर हर जगह मौजूद है
'हमसफ़र मित्र न्यूज'
एक छोटे से गाँव में रामू नाम का एक आदमी रहता था। वह बहुत सीधा-सादा और मेहनती था, लेकिन लंबे समय से उसे कोई काम नहीं मिल रहा था। धीरे-धीरे उसकी हालत खराब होने लगी और वह चिंता में डूब गया।
एक दिन गाँव का एक चालाक चोर उसकी परेशानी समझ गया। उसने रामू से कहा,
“मेरे साथ चलो, मैं तुम्हें ऐसा काम बताऊँगा जिससे तुम जल्दी पैसे कमा सकते हो।”
रामू पहले तो हिचकिचाया, लेकिन मजबूरी में मान गया। उसने कहा,
“मुझे चोरी करना नहीं आता, मैं कैसे करूँगा?”
चोर हँसते हुए बोला,
“तुम चिंता मत करो, मैं सब सिखा दूँगा।”
अगली रात दोनों गाँव से दूर एक खेत में पहुँचे। खेत सुनसान जगह पर था, जहाँ कोई रखवाली नहीं करता था। चोर ने रामू को खेत की मेड़ पर खड़ा कर दिया और कहा,
“अगर कोई आए तो मुझे आवाज देना, मैं अंदर से फसल काटता हूँ।”
रामू खड़ा रहा, लेकिन उसके मन में डर और घबराहट थी। थोड़ी ही देर बाद उसने जोर से आवाज लगाई,
“अरे जल्दी भागो! खेत का मालिक आ गया!”
चोर घबरा गया और तुरंत भागकर बाहर आया। दोनों थोड़ी दूर जाकर रुके।
चोर ने हाँफते हुए पूछा,
“मालिक कहाँ था? मैंने तो किसी को नहीं देखा!”
रामू ने शांत होकर कहा,
“वहाँ कोई इंसान नहीं था… लेकिन मुझे लगा कि ईश्वर हमें देख रहे हैं। मेरी अंतरात्मा कह रही थी कि हम गलत काम कर रहे हैं।”
चोर कुछ देर चुप रहा। उसे अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने रामू से कहा,
“तुम सही कहते हो। ईश्वर सच में हर जगह मौजूद हैं, और हमें गलत काम नहीं करना चाहिए।”
उस दिन के बाद दोनों ने चोरी का रास्ता छोड़ दिया और मेहनत से जीवन जीने का फैसला किया।
सीख:
हम चाहे जहाँ भी हों, ईश्वर और हमारी अंतरात्मा हमेशा हमें देखती है। इसलिए हमें हमेशा सही रास्ता चुनना चाहिए।

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