'सेहत शोध'
एंटीबायोटिक दवा बच्चों के लिए हो सकता है जानलेवा, जानें किस अंग पर पड़ता है इसका दुष्प्रभाव
प्रस्तुति - डॉ एम के सरकार (संपादक)
'हमसफ़र मित्र न्यूज'
आजकल बच्चों की जीवनशैली में तेजी से बदलाव आ रहा है। फास्ट फूड का बढ़ता चलन और छोटी-छोटी बीमारियों में एंटीबायोटिक दवाओं का अधिक उपयोग उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। हाल के शोध बताते हैं कि इन दोनों आदतों का सीधा संबंध आंतों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी — इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD) — से हो सकता है।
क्या कहता है शोध?
अध्ययनों में पाया गया है कि जिन बच्चों को कम उम्र में बार-बार एंटीबायोटिक दी जाती है, उनमें IBD का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खासकर 5 साल से पहले एंटीबायोटिक लेने वाले बच्चों में यह जोखिम और अधिक होता है। इसके साथ ही जंक फूड का अधिक सेवन भी आंतों के स्वास्थ्य को बिगाड़ने में अहम भूमिका निभाता है।
IBD क्या है?
IBD एक ऐसी स्थिति है जिसमें आंतों में सूजन हो जाती है। इसके प्रमुख लक्षण हैं:
लगातार दस्त
पेट दर्द और ऐंठन
थकान
पाचन संबंधी समस्याएं
यह बीमारी बच्चों के शारीरिक विकास और उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी असर डाल सकती है।
एंटीबायोटिक क्यों बनती है समस्या?
एंटीबायोटिक दवाएं शरीर में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करती हैं, लेकिन साथ ही ये अच्छे बैक्टीरिया को भी नुकसान पहुंचाती हैं। इससे आंतों का संतुलन बिगड़ जाता है, जो आगे चलकर सूजन और अन्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
जंक फूड का असर
जंक फूड में अधिक मात्रा में तेल, नमक और प्रिजर्वेटिव होते हैं। यह आंतों के लिए हानिकारक होते हैं और लंबे समय तक सेवन करने से पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है।
क्या करें माता-पिता?
बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक न दें
घर का ताजा और संतुलित भोजन प्राथमिकता बनाएं
बच्चों को फल, सब्जियां और फाइबर युक्त आहार दें
जंक फूड का सेवन सीमित करें
बच्चों के स्वास्थ्य में कोई असामान्य लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
अतः बचपन में अपनाई गई आदतें भविष्य के स्वास्थ्य की नींव बनती हैं। इसलिए जरूरी है कि एंटीबायोटिक का उपयोग सोच-समझकर किया जाए और बच्चों को स्वस्थ खान-पान की आदतें सिखाई जाएं। सही जागरूकता और सावधानी से हम बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं।





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