खून में हीमोग्लोबिन कम हो जाए तो क्या करें? डाइट बदलें या आयरन सप्लीमेंट लें — जानिए सही तरीका
लेखक - 'एम के सरकार', बिल्हा (संपादक)
'हमसफ़र मित्र न्यूज'
शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए खून में हीमोग्लोबिन का सही स्तर होना बेहद जरूरी है। हीमोग्लोबिन की कमी को आमतौर पर एनीमिया कहा जाता है। यह समस्या आजकल बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों—सभी में देखने को मिल रही है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह थकान, कमजोरी और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
हीमोग्लोबिन कम होने के लक्षण
जल्दी थकान महसूस होना
कमजोरी और चक्कर आना
सांस फूलना
त्वचा और होंठों का पीला पड़ना
सिरदर्द या ध्यान न लगना
सबसे पहले डाइट सुधारें
हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए संतुलित और आयरन से भरपूर आहार बहुत जरूरी है।
आयरन युक्त खाद्य पदार्थ:
हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, मेथी, सरसों)
चुकंदर, अनार, सेब
गुड़, किशमिश, खजूर
दालें, चना, राजमा
अंडा, मछली (जो लेते हों)
ध्यान रखें: आयरन के अवशोषण के लिए विटामिन C जरूरी होता है, इसलिए नींबू, आंवला, संतरा जैसे फलों को भोजन में शामिल करें।
आयरन सप्लीमेंट कब लें?
अगर केवल डाइट से हीमोग्लोबिन नहीं बढ़ रहा है या कमी ज्यादा है, तो डॉक्टर की सलाह से आयरन या विटामिन सप्लीमेंट लेना जरूरी हो सकता है।
खुद से दवा न लें
डॉक्टर खून की जांच के आधार पर सही डोज बताते हैं
जरूरत पड़ने पर आयरन के साथ फोलिक एसिड या विटामिन B12 भी दिया जा सकता है
स्वस्थ जीवनशैली भी है जरूरी
रोज 7–8 घंटे की पर्याप्त नींद लें
हल्की एक्सरसाइज या रोज टहलने की आदत डालें
तनाव से बचें
चाय-कॉफी खाने के तुरंत बाद न पिएं, इससे आयरन का अवशोषण कम होता है
हीमोग्लोबिन की कमी को हल्के में न लें
हीमोग्लोबिन की कमी को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर समस्या बन सकता है। सही आहार, नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह से इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। समय रहते सावधानी अपनाने से थकान, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं से बचा जा सकता है।
सलाह: अगर कमजोरी लंबे समय तक बनी रहे, तो तुरंत खून की जांच कराएं और चिकित्सक से परामर्श लें।
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