बिल्हा में बढ़ रहीं सड़क दुर्घटनाएं, तेज रफ्तार और लापरवाही से गई मासूम की जान, पुलिस की कार्रवाई पर उठ रही है सवाल
संपादक – मनितोष सरकार
'हमसफ़र मित्र न्यूज'
बिल्हा। बिल्हा क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। लगभग हर दिन कहीं न कहीं छोटी-बड़ी दुर्घटनाएँ हो रही हैं। बड़ी घटनाएँ तो थानों तक पहुँच जाती हैं, लेकिन अधिकांश छोटी दुर्घटनाएँ मौके पर ही आपसी समझौते से निपटा दी जाती हैं, जिससे समस्या और भी गंभीर होती जा रही है।
इसी कड़ी में बिल्हा थाना क्षेत्र के ग्राम गुमा में गुरुवार, 27 नवंबर को हुई एक दर्दनाक दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में कक्षा दूसरी में पढ़ने वाली 7 वर्षीय बालिका श्रुति गेंदले की मौके पर ही मौत हो गई।
कैसे हुआ हादसा
गुमा निवासी सुनील गेंदले अपनी पुत्री श्रुति को साइकिल से बाल कटवाने के लिए शहर ले जा रहे थे। गुमा से कुछ दूरी पर एक मोड़ के पास वे साइकिल खड़ी करके कुछ देर के लिए बाथरूम चले गए। इसी दौरान उनकी बेटी श्रुति साइकिल के पास खड़ी थी।
तभी साकेत परसिया निवासी अजय बंजारे, जो अपने मामा के घर आया था, तेज रफ्तार बाइक चलाते हुए वहां पहुँचा और अनियंत्रित होकर श्रुति को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। आनन-फानन में उसे बिल्हा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अन्य घटनाएँ भी चिंताजनक
हाल ही में बिल्हा थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के पास भी एक तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से पत्थरखान निवासी एक युवक की मौत हो चुकी है।
इसी तरह आईटीआई कॉलेज के सामने दो स्कूली छात्रों के बीच बाइक की टक्कर की घटना भी सामने आई है, हालांकि इसमें कोई जानहानि नहीं हुई।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि ऐसी छोटी-मोटी घटनाएँ रोज हो रही हैं, लेकिन वे पुलिस तक पहुँचती ही नहीं हैं।
पुलिस पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस बिना शिकायत के तेज रफ्तार और लापरवाह वाहन चालकों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती।
अधिकांश दुर्घटनाएँ या तो शराब पीकर वाहन चलाने, या फिर नाबालिगों द्वारा बाइक और कार चलाने की वजह से हो रही हैं।
क्षेत्र में कई नाबालिग युवक 80–100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बाइक दौड़ाते देखे जा रहे हैं, और अब कार भी चलाने लगे हैं। ये न सिर्फ अपनी, बल्कि दूसरों की जान के लिए भी खतरा बन चुके हैं।
स्थानीय लोगों की माँग
लोगों ने प्रशासन से मांग रखी है कि:
नाबालिग वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई हो
शराब पीकर वाहन चलाने वालों की नियमित जांच की जाए
प्रमुख चौराहों और स्कूलों के पास स्पीड चेकिंग बढ़ाई जाए
यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए
ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान इस लापरवाही की भेंट न चढ़े।




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