पेट्रोल पम्प पर गोली चलाने वाले आरोपी गिरफ्तार, 13 दिन बाद चढ़े पुलिस के हत्थे, तीनों आरोपी हिरासत में
'हमसफर मित्र न्यूज'
बिलासपुर। बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र के पुष्कर पेट्रोल पंप में पिछले 3 जनवरी की रात लगभग पौने 9 बजे लूटपाट की कोशिश और गोली चलने वाले को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार लिया है। इस मामले में बिलासपुर सरकंडा अटल आवास में रहने वाले तीनों आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं।
बता दें कि पिछले 3 जनवरी की शाम करीब पौने 9 बजे एक बिना नंबर प्लेट और कुछ-कुछ मॉडिफाइड मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन नकाबपोश लुटेरे पेट्रोल पंप में लूट के लिए पहुंचे थे। मोटरसाइकिल के रुकते ही दो लुटेरे उतरे और कैशियर की ओर बढ़ने लगे। इसी दौरान एक लुटेरे के हाथ में मौजूद कट्टे की ट्रिगर दब गई और उससे निकली गोली जमीन पर जा लगी। उसने देसी कट्टे में दूसरी गोली लोड करने का प्रयास किया लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया।
उक्त पेट्रोल पंप पर गोली चलने से कर्मचारियों में दहशत आ गए लेकिन दोबारा राउंड लोड ना होने से लुटेरे भाग खड़े हुए। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई।
सूचना पाकर तत्काल मौके पर पुलिस पहुंची और आसपास नाकाबंदी भी किया गया , लेकिन लुटेरे भागने में सफल रहे। दूसरे ही दिन पेट्रोल पंप पर एसएसपी पारुल माथुर भी पहुंची और लुटेरों को ढूंढ निकालने वालों के लिए ₹5000 इनाम की भी घोषणा कर दी, लेकिन फिर भी लुटेरे पकड़ में नहीं आए। पुलिस के लिए यह मामला दिन पर दिन चुनौती बनता गया। काफी प्रयास के बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग लग ही नहीं रहा था।
इस दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सूराख मिली। इन लुटेरों ने पेट्रोल पंप की घटना से कुछ दिन पहले कोनी थाना क्षेत्र में एक रेल कर्मी से भी लूटपाट की थी। लुटेरों ने उनसे पर्स और मोबाइल के अलावा उनकी मोटरसाइकिल भी लूट ली थी। पता चला कि लुटेरों ने लूट के लिए उसी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया था। इन लुटेरों ने उस दिन भी कट्टे की नोक पर रेलकर्मी को लूटा था , लेकिन इस जानकारी को कोनी पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया जिस कारण लुटेरों का हौसला बढ़ता गया इसलिए आरोपियों ने पेट्रोल पंप पर भी लूटपाट का असफल प्रयास किया।
इस मामले में पुलिस ने इस घटना को सुलझाने के लिए लगभग 300 गांव और 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा को जांच किया। लगभग 100 से अधिक संदेहियों से भी पूछताछ की गई। लंबे समय से फरार हत्या एवं हत्या के प्रयास के आरोपी जलील खान एवं अल्ताफ खान को भी गिरफ्तार किया गया।
इधर सीसीटीवी फुटेज में एक लुटेरा एक खास जैकेट पहना नजर आ रहा था, उस में लिखे हुए शब्द के आधार पर सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल की गई। इससे पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला। किसी व्यक्ति ने गुप्त सूचना दी कि जो जैकेट तस्वीर में लुटेरा पहना दिख रहा है, वैसा ही जैकेट सरकंडा अटल आवास मुरूम खदान में रहने वाला एक ऑटो चालक पहनता है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर उस ऑटो चालक को पकड़ा तो फिर उसने अपने दो साथियों शेख मुस्तफा और अब्दुल खान के साथ लूटपाट की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।
इन तीनों मुरूम खदान अटल आवास सरकंडा में रहते हैं। इन लोगों से जानकारी मिली की घटना का मुख्य आरोपी अब्दुल ईरशान मूलतः धौलपुर राजस्थान का रहने वाला है। उसका एक रिश्तेदार शेख मुस्तफा की मदद से उसने धौलपुर राजस्थान से एक देशी कट्टा लाया था, जिसके बाद तीनों ने लूट की योजना बनाई।
जिले के कोटा क्षेत्र के घटना से पहले 27 दिसंबर को अब्दुल इरशान, शेख मुस्तफा और अब्दुल खान ने कोनी थाना क्षेत्र के तुर्काडीह अंडर ब्रिज के पास रेलवे स्टेशन मास्टर के सर पर कट्टा अड़ा कर उसका मोटरसाइकिल स्प्लेंडर cg10 NA 9783, नगदी रकम और मोबाइल लूट लिया था। लूट के उसी मोटरसाइकिल को काले रंग से पेंट कर ,नंबर प्लेट को निकालकर इन लोगों ने 3 जनवरी को भी लूटपाट का इरादा बनाया।
लूट के इरादे से यह लोग कोटा क्षेत्र में पहुंचे और रात करीब साढ़े 8 बजे पुष्कर पेट्रोल पंप जाकर लूट का प्रयास किया, लेकिन गलती से गोली चल जाने से वे असफल होकर लौट आए।
सोशल मीडिया की खबरें यह लोग भी देख रहे थे। इसीलिए पहचान छिपाने के लिए उन्होंने मोटरसाइकिल को एक बार फिर से पेंट कर उसे छुपा दिया था , लेकिन जैकेट पर लिखे खास शब्द की वजह से यह लोग पकड़े गए। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक 315 बोर का देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस एक, खाली खोखा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मोटरसाइकिल का नंबर प्लेट, कपड़े आदि बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने मूलतः राजस्थान और वर्तमान में अटल आवास सरकंडा में रहने वाले अब्दुल इर्शान, शेख मुस्तफा और अब्दुल खान को गिरफ्तार किया है। इस गुत्थी को सुलझाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी थी, जिसे टीम ने बड़ी सूझबूझ के साथ सुलझाया। हालांकि इस बार भी सोशल मीडिया ही कारगर साबित हुई, जिससे पुलिस को महत्वपूर्ण सूचना मिल रही थी। इस वजह से तीनों आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे।

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