जलवायु परिवर्तन के परिणामों पर राष्ट्रीय कार्यशाला वी वी गिरि श्रमिक शोध संस्थान नोयडा में संपन्न
भारतीय मजदूर संघ पर्यावरण मंच के प्रतिनिधि हुए शामिल
बिलासपुर से 'राकेश खरे' की रिपोर्ट
'हमसफर मित्र न्यूज'
बिलासपुर। जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणाम अब आपातकालीन स्थिति तक आ पहुंचे हैं जिसके फलस्वरूप पृथ्वी की सतह के तापमान में निरंतर वृद्धि, विभिन्न प्राकृतिक आपदाओ, ग्लेशियरों का पिघलना, अति वृष्ठि अल्प वृष्ठि जैसे असंतुलित मौसमी बदलावों के दुष्प्रभावों पर राष्ट्र व्यापी जनजागरण के उद्देश्य से भारतीय मजदूर संघ के पर्यावरण प्रतिनिधियों ने वी वी गिरि श्रमिक शोध संस्थान में पांच दिवसीय कार्यशाला में भाग लिया.उपरोक्त कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि के रूप में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष , बिलासपुर जिला प्रभारी एवं पर्यावरण मंच संयोजक श्री शंखध्वनि सिंह बनाफर भी शामिल हुए.कार्यशाला से वापस गृह जिला बिलासपुर में उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन एक अतिगंभीर समस्या के रूप में मानव जीवन के अस्तित्व को चुनौती दे रही है, लगातार बढ़ती आबादी और घटते वन क्षेत्र समस्या को और गंभीर बनाते जा रहे हैं.इस समस्या से निपटने के लिए हमें आधुनिक और विलासितापूर्ण जीवन शैली बाहर निकल कर सादगीपूर्ण पारंपरिक जीवन शैली को गरिमा प्रदान करना होगा.आवागमन के सामुदायिक साधनों को बढ़ावा देने, सायकिल को राष्ट्रीय वाहन घोषित करने, कचरा प्रबंधन, रीसाइक्लिंग, पानी, बिजली, ईंधन इत्यादि के बूंद बूंद को बचाने का संकल्प लेना होगा.और इसी आशय से भारतीय मजदूर संघ द्वारा देश भर में पर्यावरण मंच के रूप में सतत जनजागरण के कार्यक्रम करते आ रही है.


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