'आपका कानून आपका अधिकार'
बैंक का कर्ज नहीं चुकाने पर बैंक कर्मी धमका या फिर जोर जबर्दस्ती नहीं कर सकता, जानिए डिफॉल्टर होने के बाद आपके क्या अधिकार हैं
प्रस्तुति - 'मनितोष सरकार' (संपादक) [पैरालिगल वॉलंटियर]
'हमसफर मित्र न्यूज'
अगर कोई व्यक्ति व्यक्तिगत तौर पर या घर बनवाने के लिए होम लोन या पर्सनल लोन लेता है, लेकिन किसी काराण से EMI नहीं चुका पाता और डिफॉल्टर हो जाता है। तो क्या बैंक उसे पैसे जमा करने के लिए परेशान कर सकती है? आए दिन ऐसे कई ऑडियो वायरल होते हैं जिसमें बैंक या फाइनेंस कंपनी के लोग EMI नहीं चुकाने पर व्यक्ति के पास रात में या कभी भी फोन करके तंग करते हैं। आइए जानते हैं क्या है नियम?
बैंक धमका या फिर जोर जबर्दस्ती नहीं कर सकता
बता दें कि कर्ज नहीं चुकाने पर बैंक धमका या फिर जोर जबर्दस्ती नहीं कर सकता है। हालंकि बैंक इस काम के लिए रिकवरी एजेंटों की सेवाएं ले सकता है। लेकिन ये एजेंट भी अपनी हद पार नहीं कर सकते हैं। अगर कोई ग्राहक बैंक के पैसे नहीं चुका रहा है, तो उनसे थर्ड पार्टी एजेंट मिल जरूर सकते हैं। लेकिन कभी भी वे ग्राहक को धमका या जोर जबर्दस्ती नहीं कर सकते। कानून उन्हें ये अधिकार नहीं देता है।
एजेंट किसी भी वक्त ग्राहक के घर नहीं जा सकता
अगर एजेंट ग्राहक से मिलने भी जाता है तो वो किसी भी समय उसके घर नहीं जा सकता। ग्राहक के घर एजेंट सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही जा सकता है। अगर एजेंट घर पर जाकर दुर्व्यवहार करता है तो ग्राहक इशकी शिकायत बैंक में कर सकता है। अगर बैंक सुनवाई नहीं करता है तो फिर ग्राहक बैंकिंग ओंबड्समैन का दरवाजा खटखटा सकता है।
ग्राहकों के पास होते हैं ये अधिकार
1) बैंक कर्ज की वसूली के लिए गिरवी रखे गए एसेट को कानूनन जब्त कर सकता है। हालांकि उन्हें इससे पहले ग्राहक को नोटिस देना होता है।
2) बैंक अगर आपको डिफॉल्टर घोषित करता है तो इसका मतलब ये नहीं है कि आपके अधीकार छीन लिए जाते हैं या आप अपराधी बन जाते हैं। बैंकों को एक निर्धारित प्रोसेस का पालन कर अपनी बकाया रकम की वसूली के लिए आपकी संपत्ति पर कब्जा करने से पहले आपको लोन चुकाने का समय देना होता है।
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