भारतीय किसान संघ द्वारा बुधवार को किया जाएगा रास्ट्रव्यपी आंदोलन
रायपुर से 'शकुंतला शर्मा' की रिपोर्ट
'हमसफर मित्र न्यूज'
भारतीय किसान संघ किसानों को उसके उपज का लाभकारी मुल्य दिलाने कि मांग को लेकर 8 सितंबर 2021 दिन बुधवार को राष्ट्रव्यापी आंदोलन करने जा रहे है। भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी 28 जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन कर किसानों के विभिन्न मांगों को लेकर श्री नरेन्द्र मोदी माननीय प्रधानमंत्री एवं श्री भूपेश बघेल माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा जायगा...
भारतीय किसान संघ की मांग रही है कि किसानों को उसकी उपज का समर्थन मूल्य नही
बल्की लागत के आधार पर लाभकारी मुल्य मिलेगा तब देश का किसान सुख समृद्धि की ओर आगे बढ़ेगा स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात आज तक किसी भी सरकार ने किसानों को उसके उपज का लाभकारी मुल्य दिलाने कोई ठोस कदम नहीं उठाया जिसके कारण कृषि आदान जैसे :- खाद बीज कीटनाशक बेचने वाले तथा किसानों के उपज को खरीद कर व्यापार करने वाले अपने माल को अधिकतम मुल्य में बेंच कर माला माल हो रहे है वही हाड़तोड़ मेहनत कर फसल पैदा करने वाले किसानों को न्यूनतम समर्थन मुल्य भी नही मिलता जिसके कारण किसान दिन प्रति दिन कर्ज में डुबते जा रहे है ऐसी परिस्थिति में किसान परिवार सहित आत्महत्या जैसे कदम उठाने विवश हुए है। ग्रामीण युवा खेती छोड़ शहरों की
ओर पलायन कर रहे है अतः भारत सरकार किसानों को उनके उपज का लाभकारी मुल्य दिलाने ठोस कदम उठाये।
वहीं दूसरी ओर मा. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी सत्ता में आते ही कर्जमाफी की घोषना की जिसका हमने स्वागत कर आभार व्यक्त किया किंतु पिछले 2 वर्षों से सरकार कि गलत नीतियों के कारण किसानों को अपने फसल बेचने के लिए बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है हजारो किसान अपनी फसल बेचने से वचिंत रहे । खेती के समय खाद व अच्छे बीज की कमी रही किसानो को घटीया खाद व बीज बेचा गया जिसकी शिकायत करने पर आज तक कोई कार्यवाही नही हुई। सोसयटीयों मे खाद की कमी रही किंतु बाजार में महगें दामों पर
266.50रु. का यूरिया पैकेट 600रु. में बेचा जा रहा है इस पर सरकार पर कोई नियंत्रण नही
है। इसमें प्रशासण की मिली भगत की बू आ रही है। अल्प वर्षा व बिजली कटौती के कारण किसान अपनी फसल बचाने संर्घषरत है, परेशान है। अतः भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के नेतृत्व में सभी जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन कर मा. प्रधानमंत्री व मा. मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा जायगा।
प्रधानमंत्री भारत सरकार से प्रमुख मांगे (1) किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य देने का कानून बनाया जाए। (2). एक बार घोषित मूल्य के बाद उसके आदानों में होने वाली महंगाई का भुगतान के समायोजन कर महंगाई के अनुपात में वास्तविक मूल्य दिया जाए। (3) घोषित मूल्य पर किसानों के उपज को खरीदी की व्यवस्था हो चाहे गण्डी में चाहे बाहर हो चाहे सरकार खरीदे घोषित मूल्य से कम दर पर खरीदी को अपराध माना जाए। (4) केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि व्यापार कानून में संशोधन कर लागू किया जाय :- ( 1 ) एक देश एक व्यापार कानून के अंतर्गत व्यापार करने वाले सभी व्यपारीयों का एक पोर्टल के अंदर पंजीयन हों व बैंक सिक्यूरिटी मनी जमा रहे ताकि किसान को फसल बेचने के बाद भुगतान सुनिश्चित हो जाय (2)जिला स्तर पर कृषि न्यायालय का गठन किया जाए ताकि किसानों के सभी प्रकार के विवादों को निपटारा जिले के अदंर शीघ्र हो जाए। (3) आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत बड़े निर्यातकों व खाद्य प्रसंस्करणकर्ता को भण्डारण में दी गई छूट को नियंत्रित किया जाए।
छत्तीसगढ़ शासन से हमारी प्रमुख मार्गे :- (1). वर्तमान अल्प वर्षा को देखते हुए बिजली कटौती को बढ़कर पर्याप्त बिजली प्रदान की जाये। सभी फीडरों (ट्रांसफार्मर) की क्षमता बढ़ाई जाये बिजली की बढ़ी दरों को वापस ली जाय तथा सभी कृषि पंपो पर निश्चित किराया (फ्लेट रेट) लिया जाय (2) भारतीय किसान संघ जिला समीती बिलासपुर गरियाबंद द्वारा घटिया बीज तथा धमतरी जिला द्वारा नकली खाद व कोण्डागांव जिला में अधिक मुल्य में खाद बेचने की शिकायत की गई थी। ऐसे अपराधियों पर अभि तक कार्यवाही नही की गई है उन पर शीघ्र कार्यवाही कर शिकायत कर्ता को जानकारी दी जाय। (3) वर्तमान समय में अल्पवर्षा व सुखे को देखते हुए शीघ्र सर्वे कर सुखाग्रस्त घोषित किया जाय सुखा प्रभावित सभी किसानों को 9000 प्रति एकड़ से बढ़ाकर 20000 रु. प्रति एकड़ सहायता राशि दी जाए (4) जिन तहसिलों में फसल ठिक है वहां किसानों की लागत बढ़ी है ( जैसे :- डीजल बिजली खाद मजदूरी ) अतः उन सभी क्षेत्रों में धान खरीदी की मात्रा 20 क्विंटल प्रति एकड़ की जाय (5) पिछले खरीदी वर्ष में किसानों से लि गयी बारदानों का भुगतान आज तक नहीं हुआ है। शीघ्र भुगतान की जाय तथा आगामी खरीफ धान खरीदी सत्र हेतु पर्याप्त बारदाने की व्यवास्था की जाय। (6) छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समर्थन मूल्य 2500 रु. में केंद्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि की राशि को जोड़ कर दिया जाय (2500 + 72 = 2572) तथा धान खरीदी 1 नवंबर से प्रारंभ किया जाय। (7) पूर्व में स्वीकृत सिंचाई परियोजना (जैसे सुतिया पाठ नहर विस्तार कुम्हारी जलाशय से सिंचाई) को शीघ्र पूरा किया जाय (8) जमीन का परिवारिक बटवारे तथा बहन द्वारा हक त्याग पर रजिस्ट्री शुल्क न लिया जाय आदि भागों को लेकर प्रदेश के सभी जिला केंद्रों में धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपा जायेगा। संपर्क 9406480746



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