पति की हत्या के मामले में जेल गई पत्नी, और पति मिला जिंदा, जानें फिर क्या हुआ - HUMSAFAR MITRA NEWS

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Friday, July 9, 2021

 

पति की हत्या के मामले में जेल गई पत्नी, और पति मिला जिंदा, जानें फिर क्या हुआ 

'हमसफर मित्र न्यूज' 


हाजीपुर: वैशाली जिले में अपने सुहाग की हत्या के लिए छह माह तक जेल में रह चुकी पत्नी को राहत देने वाली खबर मिली। खबर सुनकर एक ओर जहां परिवार के सदस्य अपने खून के रिश्ते से दूरी बना ली, वहीं जिस पति की हत्या के आरोप में पत्नी जेल जा चुकी थी, वह अपने नैहर से भागी-भागी आई और अपने बीमार पति को इलाज के लिए अपने साथ ले गई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने उसे बरामद कर कोर्ट में प्रस्तुत किया। 

राघोपुर थाना क्षेत्र के लिटियाहीं गांव के जगरनाथी राय की हत्या के मामले में छह माह कारावास झेल चुकी नीतू देवी को पति के साथ पुलिस ने चिकित्सीय सहायता के लिए गुरुवार को न्यायालय में प्रस्तुत किया। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सदर थाना क्षेत्र के बलवा कोआरी गांव के रामस्वरूप राय की पुत्री नीतू की शादी राघोपुर थाना क्षेत्र के लिटियाहीं गांव के जगरनाथी राय के साथ हुई थी। 

हत्या कर शव गायब करने की हुई थी एफआइआर

25 मार्च 2016 को जगरनाथी राय के भाई धर्मनाथ राय ने घर से बुलाकर बलवा कोआरी जगरनाथी राय को ले जाकर नीतू देवी, उसके पिता रामस्वरूप राय तथा इजरा गांव के दिनेश राय पर हत्या कर शव को गायब कर दिए जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में नीतू देवी का दिनेश राय के साथ अवैध संबंध होने के कारण हत्या करने का आरोप लगाया गया था।  इस मामले में पुलिस ने नीतू देवी को 26 मार्च 2016 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जहां से छह माह बाद उसे जमानत मिली थी। इस मामले में मृत घोषित जगरनाथी राय को पुलिस ने बरामद कर उसके घरवालों को सूचना भेजी, लेकिन कोई नहीं आया। तब पुलिस ने मायके में रह रही उसकी पत्नी को सूचना दी। इस सूचना पर उसकी पत्नी न्यायालय में उपस्थित हुई। 

सिविल सर्जन को दिया था निर्देश 

इस मामले में वैशाली के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रेमचंद्र वर्मा ने जगरनाथी राय को मंदबुद्धि होने की जानकारी देते हुए विधिक सेवा प्राधिकार को सहायता के लिए अनुरोध किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव घनश्याम सिंह ने उसे चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए सिविल सर्जन को निर्देश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद पत्नी अपने पति को लेकर इलाज कराने के लिए चली गई।


'जागरण' से साभार 

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