ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजिका के.रिजवी खान (दादी अम्मा) के सेवा भाव को सलाम करते हैं
शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने में अंतिम 21 दिनों में भी पूरी तनमयता के साथ ड्यूटी निभा रही है
'हरीश सन्नाट' की रिपोर्ट
'हमसफर मित्र न्यूज'
महासमुंद:- शासकीय कार्यों में एक कर्मचारी द्वारा सादगी पूर्वक अपनी सेवाकाल को निभाना एक कर्मचारी के लिए बहुत बड़ी चुनौती होती है आज हम एक ऐसे ही शासकीय कर्मचारी श्रीमती के रिजवी खान के हौशले और साहस को देखकर उन्हें सलाम करते हैं रिजवी खान जो कि अपनी सेवा काल मे हमेशा से ही लोगों की सेवा करते आ रही है जिनकी पोस्टिंग महासमुंद जिले के सीनोधा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजिका (एएनएम) नर्स है जिनकी सेवा काल महज 21दिन ही बचे हैं जो कि 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले है लेकिन इन अंतिम दिनों में भी वो अपने कार्यों पर डटी हुई है एवं कोरोना काल मे लगातार अपनी सेवायें प्रदान कर रही है लोगों का टीकाकरण इन्ही के जिम्मेदारी और कंधे पर है| बताते चलें कि रिजवी खान जी स्वास्थ्य विभाग के सबसे बड़े कैडर स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के प्रांतीय पदाधिकारी भी है जो कि पूरे प्रदेश में प्रांतीय महिला प्रकोष्ट स्वतंत्र प्रभार पर है जो अपने पूरे कर्मचारी को हमेशा ज्ञानवर्धक बातें बताते है हमेशा हौशला प्रदान करते हैं एक परिवार की मुखिया की तरह ही मार्गदर्शन करते हैं इसी लिए पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी उन्हें *दादी माँ* कहकर बुलाती है जो कि अपने आप और अपने व्यक्तित्व में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है क्योंकि ऐसा प्यार और दुलार हर किसी को नही मिलता है दादी माँ के इस जज्बे को हम सलाम करते हैं जो कि पूरे कोरोना काल में जब पूरा प्रदेश अपने घर के अंदर थे तब रिजवी दादी अपनी सेवा लोगों को प्रदान कर रहे थे जबकि शासन ने अपने गाइडलाइन में 50 वर्ष के अधिक वाले कर्मचारियों को दूर रखा था किंतु लोगों के प्रति सेवा भाव उन्हे रोक नही पाई यही कारण है कि अपने सेवानिवृत्त से महज 21 दिन दूर होने के बावजूद भी उनके काम करने का हौशला कम नही हुआ है ऐसे कर्मचारी के साहस को स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ दिल से सलाम करता है |



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