नक्सली हथियार छोड़ें तो हम बातचीत के लिए तैयार : अमित शाह - HUMSAFAR MITRA NEWS

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Tuesday, April 6, 2021

 

नक्सली हथियार छोड़ें तो हम बातचीत के लिए तैयार : अमित शाह 

पं. गणेशदत्त राजू तिवारी की रिपोर्ट 

'हमसफर मित्र न्यूज'। 




केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले - माओवादी हथियार छोड़कर आते हैं तो सरकार बातचीत को तैयार, घायल जवानों से मिलने रायपुर पहुंचे।

जगदलपुर, रायपुर, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और सीएम भूपेश बघेल बीजापुर जिले के बासागुड़ा सीआरपीएफ कैंप पहुंचे हैं, उन्होंने नक्सली हमले में घायल हुए जवानों से मुलाकात की। केंद्रीय एवं राज्य सुरक्षाबलों ले अधिकारियों से आगे रणनीति को लेकर हुई चर्चा। बैठक के बाद सीआरपीएफ कैम्प में तैनात जवानों से मुलाकात कर बढ़ाया हौसला।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बासागुड़ा में सीआरपीएफ और कोबरा के जवानों के साथ की चर्चा। वे बोले अगर माओवादी हथियार छोड़कर वार्ता करने को आते हैं, तो सरकार तैयार है, वरना जवाबी कार्रवाई को तैयार रहें माओवादी। केंद्र और राज्य सरकार के बीच है बेहतर तालमेल। बाद में वे घायल जवानों से मिलने रायपुर के अस्‍पताल पहुंचे। उनके साथ सीएम भूपेश बघेल भी थे।

इसके पहले उन्होंने जगदलपुर में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।गृहमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का सामना करते वक्त शहीद हुए बहादुर सुरक्षाकर्मियों को जगदलपुर में श्रद्धांजलि अर्पित की। देश आपके बलिदान को कभी भुला नहीं पाएगा। पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ा है। अशांति के विरुद्ध इस लड़ाई को हम अंतिम रूप देने के लिए संकल्पित हैं। इसके बाद गृह मंत्री ने जगदलपुर के वार रूम में पुलिस व अर्धसैन्य बलों के अफसरों की बैठक ली। सूत्र बता रहे अब नक्सलियों को सीधे उनके इलाके में घुसकर मारने की रणनीति बनाई ।

बैठक के बाद गृहमंत्री शाह ने कहा कि लड़ाई रुकेगी नहीं, अंत तक ले जाएंगे। विजय निश्चित है। छत्तीसगढ़ शासन व केंद्र ने मिलकर अंदरूनी इलाकों में कैंप खोला उससे बौखलाए है। ट्राइबल इलाके में विकास व हत्यारों के खिलाफ लड़ाई दोनों सरकारें मिलकर लड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार की प्राथमिकता इस मुद्दे पर तय की है। इस घटना के बाद लड़ाई तीव्र करेंगे और विजय हासिल करेंगे। शहीदों के परिजनों को कहता हूं आपके बेटे, भाई, पति ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। देश नहीं भूलेगा। जिस उद्देश्य से बलिदान दिया उसे जरूर पूरा करेंगे। बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा यह भरोसा दिलाता हूं।

सीएम भूपेश बघेल ने कहा, घटना ने देश को झकझोरा पर हमारे जवानों ने साहस का परिचय देते हुए जवाब दिया। यह मुठभेड़ नहीं युद्ध था। नक्सली के शव व हथियार भी लाए। मीनपा में भी 26 नक्सली मारे गए थे। अभी भी चार ट्रैक्टर में नक्सलभ्‍ अपने साथियों के शव ले गए हैं। हम उनके गढ़ में बढ़ रहे हैं, उनकी बौखलाहट है। कैंप खोल माड़ नेशनल पार्क एरिया से उनका कटआफ करेंगे। भारत सरकार व राज्य के बीच रोज़गार विकास पर चर्चा हुई है। दोनों मिलकर लड़ाई भी जारी रखेंगे। हमने मांगें रखी हैं। कोरोना से विलंब हुआ पर सब पूरा होगा। रणनीति नहीं बताएंगे पर मांद में घुसे हैं जल्द खत्म कर देंगे।

गृहमंत्री अमित शाह और सीएम भूपेश बघेल ने जगदलपुर में की अधिकारियों के साथ बैठक

आज है ताडमेटला कांड की बरसी

आज 6 अप्रैल है और इसी दिन वर्ष 2010 में बस्तर के इतिहास में सबसे बड़ी नक्सली घटना ताडमेटला में हुई थी, जिसमें नक्सलियों के हमले में 76 जवान शहीद हो गए थे।

बीजापुर में शनिवार को मुठभेड़ में शहीद हुए छह जवानों को पुलिस लाइन में अंतिम सलामी दी गई। जवानो के पार्थिव शरीर को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान परिजनों समेत पुलिस जवानों के आंखें नम थीं। इस मौके पर विधायक विक्रम मंडावी, पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा, कलेक्टर बीजापुर रितेश अग्रवाल, एसपी कमलोचन कश्यप समेत नगर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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