सरकारी जमीन पर कब्जा कर चलाया हटाने बेजा कब्जा का अभियान और तोड़ा कईयों का मकान
मस्तूरी से गणेशदत्त राजू तिवारी की रिपोर्ट
'हमसफर मित्र न्यूज'।
मस्तूरी विकाश खंड के ग्राम पंचायत गोड़ाडीह के सैकड़ों लोग सरपंच श्रीमती भुनेश्वरी यादव एवं उपसरपंच सुरेश भारती तथा पंच गोरे कश्यप, झगरू कोसले,कृपा कश्यप,उदल रात्रे, रामिन केंवट, नरेश पैकरा,रेशम भारद्वाज के खिलाफ जनप्रतिनिधि होते हुए भी गांव में सरकारी जमीन पर बेजा कब्जा कर खेत, बाड़ी एवं घर बनाए जाने की शिकायत बेजा कब्जा की फोटो ग्राफी सहित जिला कलेक्टर बिलासपुर से की है। इसके कुछ माह पहले ग्राम पंचायत के सरपंच उप सरपंच एवं पंचों ने गांव के लोगों के साथ मिलकर आसामाजिक तत्वों के द्वारा चिन्हांकित गौठान जमीन पर बेजा कब्जा किया है बोलकर संबंधित अधिकारियों को शिकायत किया गया था। जिस पर दो दिन पूर्व में दिनांक 09/01/2020 को मस्तूरी तहसीलदार मनोज खंडेकर ने भारी पुलिस बल के साथ आकर ग्राम गोड़ाडीह के ही दस से अधिक परिवारों का घर को बिना किसी नोटिस या पूर्व सूचना के ही जेसीबी मशीन चलवाकर तोड़वा दिया है। जिन दस परिवारों के घरों को तोड़ा गया उनमें कुछ परिवार ऐसे भी है जो मजदूरी के लिए पलायन किए हुए हैं तथा एक परिवार ऐसा भी है जिसके घर में तत्काल शादी होना था। आचनक बिना किसी नोटिस के मजदूरों के घरों पर मशीन चलवाने से उन्हे काफी नुकसान भी हुए है। एक तरफ गांव के मुखिया कहे जाने वाले सरपंच,उपसरपंच तथा पंचगणों ने मिलकर सरकारी जमीन पर बेजा कब्जा कर स्वयं घर एवं खेत बनाया है और वही दूसरी तरफ गांव के है बेचारे मजदूरों के खिलाफ बेजा कब्जा हटाने का जंग छेड़ा है। अब इस पूरा मामला में देखना यह है कि जिस तत्परता के साथ तहसीलदार और एसडीएम ने मिलकर मजदूरों का घर तोड़ा है क्या उसी तत्परता के साथ जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्यवाही कर उनका भी घर तोड़ेगा या नहीं।





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