दुर्गा माता के ये अचुक मंत्र, जो आपको करेंगे निरोग एवं संपन्न
'हमसफर मित्र न्यूज'।
नवदुर्गा यानि दुर्गा माता के सभी रूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री को प्रसन्न करने करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए यूं तो हर कोई पूजन और जतन करता है। आपके उसी पूजन को और भी शक्तिशाली बनाते हैं कुछ ऐसे मंत्र जो श्रीमार्कण्डेय पुराण में लिखे गए हैं। इन कुछ खास मंत्रों को पढ़ने, जाप करने और सुनने से माता दुर्गा की कृपा आप पर जरूर बरसती है। पढ़ें ये कुछ खास मंत्र मां दुर्गा मंत्र जो अलग अलग मनोकामना पूर्ति हेतु पुराण में बताए गए हैं...
आरोग्य और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए :-
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम् ।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि ॥
दुख और दरिद्रता के नाश के लिए:-
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो
स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्रयदुःखभयहारिणि का त्वदन्या
सर्वोपकारकरणाय सदाअर्द्रचित्ता॥
मनचाही पत्नी या पति की प्राप्ति के लिए:-
पत्नी मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्।
तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्॥
सब प्रकार के कल्याण के लिए
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
बिना बाधा के धन व पुत्र की प्राप्ति के लिए:-
सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः।
मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥
रोग-नाश के लिए दुर्गा मंत्र:-
ॐ रोगानशेषानपहंसि तुष्टा
रुष्टा कामान् सकलानभीष्टान्।
त्वामाश्रितानां विपन्नराणां
त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति॥
महामारी नाश के लिए दुर्गा मंत्र
ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।

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