इस मंत्र के उच्चारण से होगा अद्भुत लाभ
पं. गणेशदत्त राजू तिवारी जी महाराज, मल्हार।
'हमसफर मित्र'।
मंत्र :
" मृत्युंज्याय रुद्राय निलकन्त्याय शम्भवे
अमृतेषाय सर्वाय महादेवाय ते नमः "
अर्थात :
हे, भगवान शिवजी , वह आप ही हैं जिन्होंने मृत्यु पर विजय पाई है ,अर्थात आप अजन्मा हैं। आप ही से यह संसार चलता है और आप ही उसका विध्वंस भी कर सकते हैं। और धरती पर पुनः नया जीवन प्रस्थापित करते हैं।
हे, नीलकंठ ! आपने अपने गले में विष को रोककर रखा ताकि धरती व धरती के प्राणी बचे रह सकें अतः आप भगवान नीलकंठ कहलाये।
हम समस्त प्राणि ,आपको विनम्रतापूर्वक हाथ जोड़कर बारम्बार प्रणाम करते हैं।
इन मंत्रों के उच्चारण से मनुष्य को बहुत लाभ मिलता है। किसी भी प्रकार की भूत बाधा हो, कैसा भी विकार हो, किसी भी प्रकार का भय मन में व्याप्त हो, भगवान शिवजी के ऐसे प्रभावशाली रुद्र मंत्रों को जपने से सब दुःख दूर हो जाते हैं।


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