बिलासपुर जिला क्षेत्र में राष्ट्र निर्माण में लगे प्रवासी मजदूर तथा राशन कार्ड से वंचित परिवारों को अब
तक नहीं मिल पाया राशन, जनता परेशान
बिलासपुर।संजय मिश्रा
छत्तीसगढ़ प्रदेश वर्तमान समय में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रभावशाली दौर से गुजर रहा है ऐसे में गरीब ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के रहवासियों के समक्ष भुखमरी जैसी विकट समस्या निर्मित होनें लगी है जिस ओर किसी भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीयों की कोई संज्ञानता नजर नहीं आ रही है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार के पास विभिन्न प्रकार के राहत कोष के माध्यम से लाखों रूपये आ चुके हैं फिर भी राज्य सरकार इन राशन कार्ड से वंचित गरीब परिवारों के लिए पांच किलो चाॅवल अभी तक उपलब्ध नहीं करवा पाई है, लाॅकडाउन के चौथे चरण का अंतिम दौर चल रहा है मगर अब तक राज्य शासन गरीब परिवारों को राशन उपलब्ध करानें में असफल साबित हो रही है छत्तीसगढ़ प्रदेश में गरीब परिवारों को राशन बाँटनें का काम अभी तक दानदाताओं एवं समाजसेवी संस्थाओं के भरोसे ही चल रहा है, भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्र निर्माण में लगे प्रवासी मजदूर तथा राशन कार्ड से वंचित गरीब परिवारों के लिए पाॅच किलो चाॅवल या गेहूँ एवं एक किलो चना उपलब्ध करवानें के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार नगर एवं ग्राम पंचायतों के लिए कोई भी फण्ड अभी तक जारी नहीं कर पाई है, इस वजह से राशन कार्ड से वंचित गरीब परिवार आए दिन पंचायतों एवं उचित मूल्य की दुकानों के चक्कर काटते रहते हैं जहाँ से उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है,अब देखनें वाली बात यह होगी कि कब तक राज्य सरकार इन गरीब एवं मजलूम परिवारों के लिए चाॅवल उपलब्ध करवाएगी या जनता ऐसे ही ठगी जाएगी।
आप को बता दें कि
बिलासपुर भारत के छत्तीसगढ़ राज्य का एक जिला है, जिसके अंतर्गत बिल्हा,तखतपुर,रतनपुर,सीपत,मस्तूरी जैसे बड़े नगर शामिल हैं, इसका मुख्यालय बिलासपुर ही है जो राज्य की राजधानी नया रायपुर से 92 किलोमीटर उत्तर में स्थित है, तथा प्रशासनिक एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में राज्य का दूसरा सबसे प्रमुख एवं बड़ा शहर है, छत्तीसगढ़ राज्य का उच्च न्यायालय भी इसी शहर में स्थित है अतः इसे 'न्यायधानी' होनें का भी गौरव प्राप्त है, बिलासपुर में रेलवे का जोन भी स्थित है, तथा बिलासपुर रेलवे जोन भारत का सबसे अधिक आय अर्जित करनें वाला जोन है एवं इसके साथ ही बिलासपुर में कई राष्ट्रीय स्तर के संस्थान भी स्थित है, जिनमें एन.टी.पी.सी., एस.ई.सी.एल., रेलवे जोन एवं सेंट्रल यूनिवर्सिटी आदि प्रमुख हैं।



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