55 मजदूर करेंटाइन में 250 का इंतजार, एक भी पॉजिटिव नहीं - HUMSAFAR MITRA NEWS

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Wednesday, May 20, 2020

55 मजदूर करेंटाइन में 250 का इंतजार, एक भी पॉजिटिव नहीं 


बिल्हा /हमसफर मित्र। बिल्हा से लगे ग्राम पंचायत पत्थरखान के लगभग 300 मजदूर देश के अलग-अलग राज्यों में कमाने के शिलशिले में गये हुए थे। जो कोरोना महामारी के चलते काम धंधा बंद हो गया था। जिससे मजदूर वहीं फंस गये।


   लगभग उन 300 मजदूरों को घर वापसी के लिए विशेष ट्रेनों का परिचालन केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है। जिसमें से अबतक 55 मजदूर वापस आ चुके हैं, जिन्हें बिल्हा स्थित आईटीआई करेंटाइन सेंटर में सुरक्षित रखा गया है।

   पहला मजदूरों की टीम तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद जिले से 14 मई को पद यात्रा कर बिल्हा लौटे थे जिसमें एक महिला, एक पुरूष और एक बच्ची शामिल थे। जिन्हें आईटीआई करेंटाइन सेंटर में 14 दिनों के लिए करेंटाइन में रखा गया है।

   आईटीआई करेंटाइन सेंटर के इंचार्ज श्री प्रशांत पाण्डेय जी ने बताया कि अबतक सबसे ज्यादा महाराष्ट्र से मजदूरों की वापसी हुई है जिसकी संख्या स्त्री, पुरूष, बच्चे सहीत कुल 25 है। इसके अलावा गुजरात से 20, तेलंगाना से 3, उत्तर प्रदेश से 3, और आज शाम 4 बजे मध्य प्रदेश के भोपाल जिले से 4 मजदूरों की वापसी हुए हैं। आज आए चारों मजदूर भोपाल क्षेत्र से अॉटो रिक्शा में सवार होकर मध्य प्रदेश - छत्तीसगढ़ सीमा मंडला से दुसरे साधन से बिल्हा पहुंचे।

इंचार्ज श्री प्रशांत पाण्डेय जी ने बताया कि यहां मजदूरों के देखभाल के लिए आंगनबाड़ी केंद्र के 2, शिक्षा विभाग के 2, मितानिन 3 और किशान मित्र एक ने सतर्क रूप से कार्य कर रहे हैं तथा स्वास्थ्य विभाग के टीम दिन में दो बार आकर नियमित जांच कर रहे हैं और प्रीति दुबे नामक स्वास्थ्य कर्मी का ड्यूटी लगाई गई है। अभी तक के जांच में एक भी मजदूर कोरोना पॉजिटिव से ग्रसित होने का संकेत नहीं मिला है।
 
श्री पाण्डेय ने कहा कि पत्थरखान ग्राम पंचायत की ओर से सरपंच श्री नारायण यादव के द्वारा मजदूरों को देखभाल हेतु अच्छा पहल जारी रखी है। प्रतिदिन सुबह नाश्ता में पोहा, जिसमें आलू, मटर आदि मिलाकर दिया जा रहा है। वहीं दोपहर और रात को दाल, चावल और सब्जियां दिया जा रहा है।

   प्रशांत पाण्डेय के मुताबिक शेष लगभग ढाई सौ मजदूरों की और वापसी कुछ दिनों में पूरा हो जाएगा। जिसके लिए हम सभी अग्रिम रूप से तैयार है।

   पत्थरखान सरपंच नारायण यादव द्वारा शासन के आदेशानुसार कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। जिसमें नियमानुसार शैलेन्द्र पाण्डेय, उमेन्द्र लहरें, ईश्वर कोशले, हेमंत पाण्डेय आदि युवकों ने भरपूर सहयोग दे रहे हैं।
   लगभग उन 300 मजदूरों को घर वापसी के लिए विशेष ट्रेनों का परिचालन केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है। जिसमें से अबतक 55 मजदूर वापस आ चुके हैं, जिन्हें बिल्हा स्थित आईटीआई करेंटाइन सेंटर में सुरक्षित रखा गया है।

   पहला मजदूरों की टीम तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद जिले से 14 मई को पद यात्रा कर बिल्हा लौटे थे जिसमें एक महिला, एक पुरूष और एक बच्ची शामिल थे। जिन्हें आईटीआई करेंटाइन सेंटर में 14 दिनों के लिए करेंटाइन में रखा गया है।

   आईटीआई करेंटाइन सेंटर के इंचार्ज श्री प्रशांत पाण्डेय जी ने बताया कि अबतक सबसे ज्यादा महाराष्ट्र से मजदूरों की वापसी हुई है जिसकी संख्या स्त्री, पुरूष, बच्चे सहीत कुल 25 है। इसके अलावा गुजरात से 20, तेलंगाना से 3, उत्तर प्रदेश से 3, और आज शाम 4 बजे मध्य प्रदेश के भोपाल जिले से 4 मजदूरों की वापसी हुए हैं। आज आए चारों मजदूर भोपाल क्षेत्र से अॉटो रिक्शा में सवार होकर मध्य प्रदेश - छत्तीसगढ़ सीमा मंडला से दुसरे साधन से बिल्हा पहुंचे।

   इंचार्ज श्री प्रशांत पाण्डेय जी ने बताया कि यहां मजदूरों के देखभाल के लिए आंगनबाड़ी केंद्र के 2, शिक्षा विभाग के 2, मितानिन 3 और किशान मित्र एक ने सतर्क रूप से कार्य कर रहे हैं तथा स्वास्थ्य विभाग के टीम दिन में दो बार आकर नियमित जांच कर रहे हैं और प्रीति दुबे नामक स्वास्थ्य कर्मी का ड्यूटी लगाई गई है। अभी तक के जांच में एक भी मजदूर कोरोना पॉजिटिव से ग्रसित होने का संकेत नहीं मिला है।

   श्री पाण्डेय ने कहा कि पत्थरखान ग्राम पंचायत की ओर से सरपंच श्री नारायण यादव के द्वारा मजदूरों को देखभाल हेतु अच्छा पहल जारी रखी है। प्रतिदिन सुबह नाश्ता में पोहा, जिसमें आलू, मटर आदि मिलाकर दिया जा रहा है। वहीं दोपहर और रात को दाल, चावल और सब्जियां दिया जा रहा है।

   प्रशांत पाण्डेय के मुताबिक शेष लगभग ढाई सौ मजदूरों की और वापसी कुछ दिनों में पूरा हो जाएगा। जिसके लिए हम सभी अग्रिम रूप से तैयार है।

   पत्थरखान सरपंच नारायण यादव द्वारा शासन के आदेशानुसार कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। जिसमें नियमानुसार शैलेन्द्र पाण्डेय, उमेन्द्र लहरें, ईश्वर कोशले, हेमंत पाण्डेय आदि युवकों ने भरपूर सहयोग दे रहे हैं।

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