भूपेश सरकार के घोसणा पत्र में किये वादे याद दिलाने एवम उसे पूरा करवाने भारतीय किसान संघ चला रहा हस्ताक्षर अभियान ..धीरेंद्र दुबे
'गणेशदत्त राजू तिवारी', मस्तुरी
'हमसफर मित्र न्यूज'
स्वतंत्रता के पश्चात् प्रत्येक चुनाव में राजनीतिक दलों ने घोषणापत्र पत्र जारी किये थे। उन घोषणापत्रों में कुछ घोषणाएं पूरी हुई और कुछ अधुरी रह गई। प्रदेश के परिपेक्ष्य में बात करें तो सामने चुनाव है और ऐसे में पुनः सभी राजनीतिक दल अपने घोषणापत्र या संकल्प पत्र जारी करेंगे परंतु इसमें विचार करने वाली बात यह है कि पिछले घोषणापत्र में सरकार ने कितने वादे पूरे किये। अब समय बदल रहा है किसान भी जागरूक हो रहा है वह भी समझने लगा है उसके लिए जो वादे किये गए हैं उन वादों को पूरा करने में सरकार कितनी खरी उतर रही है।
किसानों के लिए सरकार ने जो वादे किये और जो पूरे नहीं किये हैं उन वादों पर सरकार ने चुप्पी साध रखी है। उन अधुरे वादों को भारतीय किसान संघ पूरे प्रदेश में हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से उठाने जा रहा है। दो वर्ष का बोनस, शराबबंदी, किसान पेंशन, कृषि पंपों पर बिजली बिल हाफ इन चार विषयों को लेकर किसान संघ गांव गांव जाकर किसानों से हस्ताक्षर कराकर हस्ताक्षर पत्रक मुख्यमंत्री को सौंपेगा।
किसान समझ रहा है वर्तमान सरकार एवं पूर्व सरकार में कोई अंतर नहीं है। दो वर्ष का बोनस पूर्व सरकार ने भी नहीं दिया था और दो वर्ष का बोनस वर्तमान सरकार ने अपने घोषणापत्र में वादा करने के बाद भी नहीं दे रही है। ऐसा करना सीधा सीधा किसानों के साथ धोखा है। सरकार ने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम लागू कर दी है परंतु किसानों के लिए अभी तक किसान पेंशन लागू नहीं की गई है यह सरकार का दोगलापन नहीं तो और क्या है। पिछली सरकार के धोखे का फल उसे मिल गया है और अब वर्तमान सरकार की बारी है। समय आ गया है राजनीतिक दल अपने घोषणापत्रों को पूरा करने में इमानदारी दिखाएं। एक ओर गंगाजल उठाना और कसमें खाना दुसरी ओर किसानों के साथ धोखा कर गंगाजल का अपमान करना।
सामने चुनाव है और किसानों के मध्य वादें ही मुद्दे बनेंगे। किस दल ने क्या कहा और कितना किया। किसान अपना उत्तर चुनाव में ही देता है यह सभी दलों को याद रखना चाहिए। वर्तमान सरकार की दो वर्ष के बोनस एवं शराबबंदी एवं राजस्व के भ्रष्टाचार जैसे विषयों को लेकर किसानों के मध्य बहुत बदनामी हो चुकी है। भारतीय किसान संघ का कहना है सरकार अपने अहंकार त्यागकर अपने किये वादों को तत्काल पूरा करें अन्यथा किसानों के साथ छल करने का फल उसे मिलना निश्चित है।

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