बिल्हा क्षेत्र के इस शासकीय उचित मूल्य दुकान में काफी दिनों से चल रहा है घोटाला, हितग्राहियों को हर तौल में कम दिया जा रहे हैं राशन सामग्री, जेब भर रहे हैं संचालक - HUMSAFAR MITRA NEWS

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Saturday, October 1, 2022

 


बिल्हा क्षेत्र के इस शासकीय उचित मूल्य दुकान में काफी दिनों से चल रहा है घोटाला, हितग्राहियों को हर तौल में कम दिया जा रहे हैं राशन सामग्री, जेब भर रहे हैं संचालक 

'कौशलेंद्र सारथी' 

'हमसफर मित्र न्यूज' 



बिल्हा। जिले के बिल्हा ब्लॉक अंतर्गत आने वाले  ग्राम पंचायत रहंगी के उचित मूल्य दुकान के संचालक द्वारा हितग्राहियों को मिलने वाले राशन में घोटाले का मामला सामने आया है जिसमे गांव के हितग्राही नाम संतोष लहरे ने बताया है की गांव के उचित मूल्य दुकान के संचालक नाम प्रमोद कौशिक के द्वारा उनके साथ राशन देने में धोखाधड़ी की जा रही है हितग्राही संतोष लहरे का कहना है की उन्हें हर माह बीपीएल राशन कार्ड में 35 किलो चावल मिलना चाहिए लेकिन उचित मूल्य  संचालक द्वारा उन्हें मात्र 20किलो ही चावल दिया जाता है एवम गांव के दूसरे हितग्राही ने बताया की  उन्हें कुल 70किलो चावल मिलता है उसे जब लेने सोसाइटी जाता है तो  उन्हें 50 किलो वाली चावल की  बोरी यह बोल कर थमा दी जाती है की उसमे 50 किलो चावल भरा हुआ है लेकिन हितग्राही जब उस चावल की बोरी को   किसी अन्य दुकान  में जाकर  तौल कर आता है तो उस बोरी में हर माह 5 किलो चावल कम मिलता है जिसकी शिकायत हितग्राहियों द्वारा सोसाइटी संचालक से किं जाती है तो सोसाइटी संचालक द्वारा उन्हें गुमराह करते हुए यह कहा जाता है किं सरकार जितना चावल बोरी में पैक करके भेजती है वे उन्ही बोरी को उन्हें प्रदान करते है एवम सोसाइटी में संचालक द्वारा दिए गये बोरी को तौल कर आने पर 50 किलो वजन दिखता है मगर अन्य जगह पर तौल कर आने पर 45 किलो ही चावल उस बोरी में रहता है जिससे ये  साफ हों जाता है की सोसाइटी संचालक द्वारा 5 किलो चावल की अफरा तफरी कर हितग्राहियों को ठगा जा रहा है एवम हितग्राहियों द्वारा उच्च अधिकारियों को शिकायत करने की बात कहने पर सोसाइटी संचालक प्रमोद कौशिक के द्वारा क्षेत्रीय नेताओ का धोस दिखा कर तुम मेरा कुछ नही बिगाड़ सकते बोलकर धमकी दी जाती है साथ ही हर माह गांव के हितग्राहियों को  1 किलो शक्कर सोसाइटी से दिया जाता हैं लेकिन उनके राशन कार्डो। में 15 किलो दर्शाया जाता है जिससे हितग्राहियों को अब शक होने लगा है की सोसाइटी संचालक के द्वारा उनके साथ ठगी की जा रही है अब देखने वाली बात यह होगी कि क्षेत्रीय नेताओ का धोस्स दिखा कर हितग्राहियों के साथ ठगी करने वाले इस तरह के दुकान  संचालको के ऊपर प्रशासन उचित कार्यवाही करती है या मामला अभी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है खैर जो भी हो मगर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गरीबों को प्रदान की जाने वाली राशन  में घोटाले से ग्रामीणों को नुकसान हों रहा है शायद इसलिए ग्रामीणों द्वारा इस तरह की शिकायत खुल कर सामने आ रही है। 

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