भद्राकाल में रक्षाबंधन का शुभ अभिजीत मुहूर्त
'हमसफर मित्र न्यूज'
मस्तुरीः 11 और 12 अगस्त दो दिन रक्षाबंधन का त्योहार है, क्योंकि सावन पूर्णिमा तिथि दो दिन है और 11 अगस्त, गुरुवार को भद्रा का साया भी रहने वाला होगा जिसकी वजह से लोगों के मन में भ्रम है कि रक्षाबंधन का पर्व 11 या 12 अगस्त को मनाया जाए। रक्षाबंधन का त्योहार हर वर्ष सावन माह की पूर्णिमा तिथि पर भद्रारहित काल में मनाया जाता है। यह पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, स्नेह और प्यार का प्रतीक है। रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाईयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधते हुए आरती उतारती हैं और भगवान से उनके जीवन में सुख-समृद्धि और लंबी आयु कामना करती हैं। इस बार सुबह से शाम तक भद्रा रहेगी।
रक्षाबंधन का शुभ मुहर्त
इस बार रक्षाबंधन के पर्व पर भद्रा का साया रहेगा। ऐसे में 11 अगस्त को राखी अभिजीत मुहूर्त में बांधी जा सकती है। मुहूर्त गणना के अनुसार 11 अगस्त पर सुबह 11 बजकर 37 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। शास्त्रों में अभिजीत मुहूर्त को दिन के सभी मुहूर्तों में सबसे अच्छा और शुभ मुहूर्त माना गया है। इस अभिजीत मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य या पूजा की जा सकती है। इसके अलावा 11 अगस्त,गुरुवार को दोपहर 02 बजकर 14 मिनट से 03 बजकर 07 मिनट पर विजय मुहूर्त रहेगा। इस तरह से भद्राकाल के रहते इस समय राखी बांधी जा सकती।

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