HWC में पदस्थ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी का अधिकार सिर्फ MBBS मेडिकल ऑफिसर को
'हमसफर मित्र न्यूज'
विदित हो की पिछले दिनों एक समाचार पत्र में समाचार प्रसारित किया गया था की HWC में पदस्थ CHOs का निगरानी सेक्टर सुपरवायजर करेंगे जो की वहाँ के एक RHO के द्वारा पी.जी.एन पोर्टल में आवेदन के आधार पर महासमुंद जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा यह आदेश जारी किया गया था, जिसके बाद स्वास्थ्य महकमे में वाद विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो चुका था एवं अधिकतर जगहों में इसी आदेश के आधार पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को सेक्टर सुपरवायजर के द्वारा उनके मुल कार्य से पृथक करके महिला एवं पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का काम भी करवाया जा रहा था l
जिसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ प्रकोष्ठ के प्रांताध्यक्ष के द्वारा आपत्ति किया गया था की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी जो की एक चार वर्ष डिग्री कोर्स करने के पश्चात छः माह का कम्युनिटी हेल्थ में ब्रिज कोर्स करके यह पद में है तो उनका एक डिप्लोमा धारी पैरामेडिकल (MPW) कोर्स किये हुए सुपरवायजर कैसे निगरानी कर सकते है, जिसकी वो पात्रता ही नहीं रखते है, जिसके पश्चात प्रकोष्ठ के निवेदन अनुसार श्री ओ. पी. शर्मा प्रांताध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के द्वारा हस्तक्षेप किया गया एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जी से मिलकर उक्त आदेश को संसोधित करने हेतु निवेदन किया गया था l
विदित हो की CHOs के लिये जारी निर्देशिका में साफ उल्लेख किया गया है की उनकी निगरानी सिर्फ चिकित्सा अधिकारी/सहायक चिकित्सा अधिकारी के द्वारा ही किया जाना है, चूंकि अभी राज्य में तृवर्षीय कोर्स किये हुए चिकित्सक को AMO के पद नाम से हटा कर RMA कर दिया गया वर्तमान में अभी सहायक चिकित्सा अधिकारी पोस्ट नहीं है l
जिसके बाद उक्त आदेश को संसोधित कर दिया गया है एवं अब यह साफ हो गया है की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी सिर्फ MBBS चिकित्सा अधिकारी ही कर सकते है, जो की अभी राज्य के अधिकतर हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों में प्रभारी के तौर पर पदस्थ है l

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