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Monday, January 31, 2022

 

कोरोना काल में अर्थव्यवस्था में साथ देने वाले व्यपारी व रसोइया अपनी भुकतान के लिए भटकते हुए आखिर कलेक्टर के पास पहुंचे

मल्हार से 'गणेशदत्त राजू तिवारी' की रिपोर्ट 

'हमसफर मित्र न्यूज' 





मस्तुरी मल्हारःकोरोनाकाल इस दौरान असंगठित क्षेत्र के प्रवासी मजदूरों का जो इतना बड़ा पलायन हुआ माना जाता है कि दसों लाख मजदूर सडकों पर थे। उस समय हम देश के सबसे गंभीर समय से गुजर रहे थे।जब लाखों नहीं करोड़ों लोग भूख के संकट से गुजर रहे थे।ये बहुत संकट का दौर था।

हम बात कर रहें है नगर पंचायत मल्हार कि मई 2020 में नगर पंचायत मल्हार में प्रवासी मजदूरों को मंगलभवन,नवोदय विद्यालय, हाई स्कूल में ठहराया गया जिसकी व्यवस्था नगर पंचायत मल्हार द्वारा किया गया जिसमें सुबह नाश्ते से लेकर खाने पिने व्यवस्था करीब तीन महीने तक चलता रहा।जिसमें नगर के व्यपारियो छोटे छोटे दूकानदारों,रसोइया से,टेंट व्यवस्था गैस सिलेंडर आदि की व्यवस्था  उधारी से किया गया।जिसका आजतक नगर पंचायत के द्वारा भुगतान नहीं किया गया जा रहा है बल्कि उल्टे बद्तमीजी से लोगों के साथ व्यवहार किया जाता है।

दो सालों में देखते देखते नगर पंचायत मल्हार में चार सीएमओ बदल गया पांचवें सीएमओ अभी कार्यरत है जिसकी रवैया कलेक्टर से कम नही वर्तमान सीएमओ का व्यवहार से नगरवासियों और कर्मचारियों का हाल बेहाल है अपनी मनमानी करने का वर्तमान सीएमओ को जैसे आजादी मिला हो।जनता इनके व्यवहार से काफी नाराज है।

इसी कडी में आज नगर के व्यपारी, रसोइया आवेदन लेकर कलेक्टर के पास आवेदन लेकर रूका हुआ भुगतान को दिलवाने के नाम से ज्ञापन  देने पहुंचे 

छोटे छोटे व्यपारी दो सालों से सीएमओ का चक्कर लगाते लगाते बर्बाद हो चुके हैं आखिर किसके पास जाए जिससे उनकी समस्याओं का हल हो सके ।नगर के जनप्रतिनिधियों का भी यहाँ कहीं सुनवाई नही आखिर मल्हार नगर पंचायत में सीएमओ का ही चलता रहा तो यहां जनप्रतिनिधियों का अस्तित्व रह जाएगा।

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