मकर संक्रांति में दान और मंत्र जाप का महत्व
'हमसफर मित्र न्यूज'
1.-सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहते हैं जब सूर्य गोचर वर्ष भ्रमण करते हुए मकर राशि में प्रवेश करते हैं तब इसे मकर संक्रांति कहा जाता है ज्योतिषाचार्य पं. नरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने बताया वर्ष 2022 में सूर्य दिनांक 14 जनवरी को दोपहर 2 बजकर 41 मिनिट पर धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे.!
2.-तिथि की मान्यता अनुसार सूर्य 14 जनवरी को मकर राशि में होंगे, अतः 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा, तीर्थ स्थल में प्रातः काल 15 जनवरी मे भी स्नान दान कर सकते हैं।
३.-मकर संक्रांति अध्यात्मिक पर्व है इस दिन व्रत, उपवास करके अपनी मान्यता के अनुसार मंत्रों को सिद्ध कर सकते हैं.!
४.-मकर संक्रांति के दिन सूर्य का मंत्र जाप करते हुए (अर्ध्य) जल चढ़ाना चाहिए.!
*दान का विशेष महत्व*
१.-मकर संक्रांति के दिन तिल से बनी हुई वस्तुओं एवं ताम्रपात्र का दान श्रेष्ठ होता है.!
२.-ऊनी वस्त्र का दान, कंबल का दान, अन्न का दान, खिचड़ी का दान करना चाहिए.!
३.-गाय को घास खिलाने, गुड़ खिलाने से लाभ होता है.!
No comments:
Post a Comment