पटाखे से झुलसने पर न करें कोई गलती, ऐसा करने से होगा सही उपचार
लेखक - 'मनितोष सरकार', बिल्हा, (संपादक)
'हमसफर मित्र न्यूज'
दीपावली के समय पटाखे नहीं फोड़ना मतलब त्योहार अधुरा सा लगना। लेकिन सावधानी नही बरतने से झुलसने की आशंका बनती हैं। इस लिए सावधानी के साथ पटाखे फोड़े ताकि कोई नुकसान न हो, पर कई बार बचाव के बाद भी त्वचा जल सकता है। ऐसे में इन समस्याओं से कैसे बचा जा सकता है आइए 'हमसफर मित्र न्यूज' के माध्यम से जानते हैं।
पटाखे या दीपक जलाते समय अगर जल जाए तो सबसे पहले तो हड़बड़ाएं नहीं। इससे आग और भी तेजी से फैल सकतीं हैं। ऐसा हो तो तुरंत जमीन पर लेट जाए तथा दुसरे लोगों को पानी डालने के लिए कहें। जले हुए घाव को जल्दी ठीक करने के लिए उस पर बर्फ का इस्तेमाल न करें वर्ना घाव ठीक होने में काफी समय लग सकता है। पटाखे की चिंगारी, गर्म तेल आदि से लगी घाव पर घी, तेल, मक्खन, टूथपेस्ट या बिना चिकित्सकीय सलाह के मरहम न लगाएं। इससे फफोले होने की आशंका और भी बढ़ सकती है। बल्कि इसे नल के पानी से धोएं। फिर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। ज्यादा जलने पर एंबुलेंस का सहारा लेकर किसी बर्न हॉस्पिटल में चले जाए। इसके लिए आप शासकीय आपातकालीन नंबर 104,108 अथवा 112 पर डायल कर संपर्क कर सकते हैं।
बर्न इंजरी को ऐसे पहचानें -
जलने पर बर्न इंजरी को तीन भागों में विभाजित किया गया है। इसमें फर्स्ट, सेकंड और थर्ड डिग्री के नाम से जाना जाता है। फर्स्ट डिग्री बर्न में केवल त्वचा की ऊपरी भाग झुलसती है। त्वचा का रंग लालिमा हो जाता है। सेकंड डिग्री बर्न में त्वचा की दो लेयर्स प्रभावित हो जाते हैं और त्वचा पर फफोला पड़ जाती है। इसमे सूजन और तिव्र दर्द भी होता है।
और थर्ड डिग्री बर्न सबसे गंभीर होता है। इसमे त्वचा की तीनों परत प्रभावित होती है। जलने वाली जगह पर सफेद अथवा काली पड़ जाती है। तीव्र तथा असहनीय दर्द होता है। अगर ऐसा है तो देरी न कर तत्काल आपातकालीन चिकित्सालय में भर्ती कर दें।
जलने पर यह तरीका अपनायें -
जल जाने पर जल्दबाजी में उसमें कोई भी चीज़ न लगाएं। शरीर के जिस हिस्से में जला है वहां नल का बहता हुआ पानी में लगातार लगभग आधे घंटे तक रखें रहे। या जबतक जलन दूर न हो तबतक नल के पानी में भीगोते रहे। ध्यान रखें कि पानी एकदम ठंडा अथवा एकदम गरम न हो। नार्मल पानी का ही इस्तेमाल करें तत्पश्चात डॉक्टर को दिखाएं।
पटाखे जलाते समय ये रखें सावधानी -
दीपावली खुशियो का त्योहार है अतः खुशी से दीपावली मनाएं। ध्यान रखें कोई अनहोनी न हो जाए। पटाखे छोड़ते समय विशेष रूप से सावधानी रखें। छोटे बच्चों को पटाखे अथवा दीपक नहीं देना चाहिए, अगर देते हैं तो उसके साथ जरूर रहें। अगर कोई हादसा हो जाए तो घबराएं नहीं बल्कि सोच समझ कर कदम उठाए अन्यथा समस्या और भी बढ़ सकती है।
गंभीर स्थिति में ऐसा करें -
पटाखे फोड़ने के पहले आग बुझाने की तैयारी एडवांस करके रखें। जले हुए हिस्से पर अगर कपड़े चिपक जाए तो उसे हटाने का बिल्कुल प्रयास न करें। जले हुए स्थान पर पट्टी न बांधे न ही किसी कपड़े से ढके। तत्काल अस्पताल पहुंचे। आपातकालीन चिकित्सा के लिए इमरजेंसी नंबर पहले ही दिया हुआ है, उस नंबर का इस्तेमाल करें। मेरा ये कहना है कि दीपावली की खुशी मातम में न बदले इस लिए अति सावधानी बरतना जरूरी है। आपका अपना 'हमसफर मित्र' ।
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