गोवर्धन पूजा पर ले गोवंश एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
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'हमसफर मित्र न्यूज'
खेती किसानी के क्षेत्र में अब भले ही यंत्रों के माध्यम से बहुत से कार्य हो रहे हैं मगर जब यह यंत्र नहीं था तो खेती का पूरा कार्य गोवंश पर ही निर्भर था घुरवा से खेतों तक कंपोस्ट खाद की ढुलाई, खेतों की जोताई, धान की फसल का बीड़ा ढुलाई एवं खलिहानों में इसकी मिजाई सब कुछ पूरी तरह हमारे गोवंश के भरोसे ही था गोवंश का गोबर खाद के रूप में खेतों में छिड़कते थे और अब जैविक खेती के रूप में पुनः इस पर जोर दिया जा रहा है वहीं गोबर से बने कंडे एवं पेड़ों से मिलने वाली सुखी लकड़ियों के भरोसे हर घर का चुल्हा जलता था इस तरह तब मानव जाति को खाने के लिए भोजन मिलता था गोवंश ,पहाड़ों एवं जंगलों पर हमारी निर्भरता किस तरह है यह आप सभी अच्छी तरह जानते है गोवर्धन पूजा के मौके पर हम सब गोवंश एवं गोवर्धन की पूजा करते है इस पूजा के माध्यम से हम गोवंश एवं प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं गोवंश व पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक के पर्व गोवर्धन पूजा के मौके पर हम सब इनके संरक्षण का संकल्प ले यही इस पर्व को मनाने की सार्थकता होगी
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