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Tuesday, July 13, 2021

 

एक्सपर्ट का दावा पहले के तुलना में दुसरे वैक्सीनेशन में हो सकती है ज्यादा तकलीफ 

'हमसफर मित्र न्यूज' 


वैक्सीन या किसी भी टीके के साइड इफेक्ट्स हर किसी के लिए थोड़े से तकलीफदेह हो सकते हैं। टीकाकरण के बाद दो से तीन दिन तक आपको शरीरिक कष्ट पहुंच सकता है। दूसरी लहर का प्रकोप थमा नहीं कि तीसरी लहर को लेकर अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि भारत में तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है। यही वजह है कि सरकार के मंत्री जल्द से जल्द सभी देशवासियों को वैक्सीन लगवाने पर जोर दे रहे हैं। करोड़ों लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है तो लाखों लोग दूसरी खुराक लेने के लिए लाइन में लगे हैं।

 

जैसा कि पहले बताया जा चुका है कि वैक्सीन डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी साबित हो चुकी है। इसी बीच एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेकंड डोज के साइड इफेक्ट्स पहली की तुलना में ज्यादा दर्दनाक हो सकते हैं। हालांकि, उनका ये भी कहना है कि वैक्सीन के दुष्प्रभावों को लेकर वास्तव में चिंता करने जैसी कोई बात नहीं है। इस लेख में हम इसी बात पर नजर डालते हैं कि वैक्सीन की पहली और दूसरी खुराक की प्रतिक्रियाओं में क्या अंतर है? साथ ही इस बारे में भी जानेंगे कि दूसरी खुराक लेने से पहले और बाद में हमें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।


घातक वायरस के खिलाफ पूरी तरह से खुद को सुरक्षित करने के लिए आपको दूसरी खुराक लेना आवश्यक है। टीके की पहली खुराक आवश्यक इंफ्लेमेटरी रिएक्शन्स को किक करती है और एंटीबॉडी का निर्माण शुरू करती है। दूसरी खुराक के बाद शरीर में मौजूद मेमोरी सेल्स एक्टिव हो जाती हैं, जो हाई स्ट्रांग एंटीबॉडी को इकट्ठा करने के लिए काम करती हैं। इस तरह हमारा इम्यून सिस्टम पहले से ज्यादा मजबूत हो सकता है और यही कारण है कि सेकंड डोज के तीव्र दुष्प्रभाव हो सकते हैं।


हर व्यक्ति में अलग दिख सकता है वैक्सीन का असर


जैसा कि डॉक्टर भी यह कह चुके हैं कि हर व्यक्ति का इम्यून सिस्टम अलग-अलग तरह से काम करता है। इसलिए डोज लेने के बाद साइड इफेक्ट्स भी अलग-अलग होते हैं। किसी को माइल्स सिम्टम्स होते हैं तो कोई सीरियस सिम्टम्स का शिकार होता है। जेनेटिक मेकअप और हार्मोनल बदलाव भी रिएक्‍टोजेनिक फ्लेयर-अप का कारण बन सकते हैं।


यही वजह है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं अधिक गंभीर साइड इफेक्ट्स की चपेट में आ रही हैं। डोज के बाद उनकी पीरियड डेट में परिवर्तन, पेट दर्द और मतली जैसे असामान्य दुष्प्रभावों से जूझ सकती हैं।


​क्या दोनों डोज के साइड इफेक्ट्स में कोई अंतर है?


वैसे तो वैक्सीन के दोनों डोज के साइड इफेक्ट्स एक जैसे ही होते हैं, लेकिन अब खुराक लेने वालों में गंभीर दुष्प्रभाव दिख सकते हैं।


इंजेक्शन के स्थान पर अधिक दर्द

तेज सिर दर्द

शरीर में जकड़न

हल्का बुखार

थकान

सूजन


नए सबूतों से पता चला है कि जिन्हें पहले किसी भी संक्रमण का टीका नहीं लगा है और वे अब कोविड वैक्सीन लगवा रहे हैं तो ज्यादा गंभीर दुष्प्रभाव दिख सकते हैं। ये भी हो सकता है वे माइल्ड सिम्टम्स की चपेट में आने के बाद भी ठीक होने में लंबा समय लें। जबकि जो पहले ही टीका लगवा चुके हैं उनके लिए ये सहज होगा।


ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसे व्यक्ति में पहले COVID-19 इंफेक्शन के साथ कुछ एंटीबॉडी पहले से मौजूद होती हैं और वैक्सीन के दुष्प्रभावों को सहन करने के लिए इम्यून सिस्टम अच्छी तरह से तैयार कर सकती हैं।


सेकंड जैब लेने से पहले आप खुद को कैसे तैयार करें?


जैसा कि एक्सपर्ट्स कह चुके हैं कि दूसरी डोज के साइड-इफेक्ट्स पहले से ज्यादा असहज कर सकते हैं। इसलिए आपको इसे लेने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आपको डोज लेने से पहले ऐसी किसी भी चीज से बचना चाहिए जो आपके इम्यून सिस्टम को 'स्ट्रेस' देती है या आपको थका देती है।


अपनी निर्धारित खुराक से एक रात पहले अच्छी नींद लें।

खुराक लेने के बाद खूब पानी पिएं।

आहार में खुद को हाइड्रेट रखने के लिए तरल खाद्य पदार्थों को शामिल करें।

जैब लेने के बाद 1-2 दिन तक पूरी तरह से आराम करें।



'भवतारिणी' से साभार

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