14 वित्त के राशि में गवन का मामला एक गिरफ्तार बाकी 5 लोग अभी भी फरार
एक बार फिर पचपेड़ी पुलिस लोगों की संदेह में ग्रामीणों में पचपेड़ी थाना के कार्यप्रणाली को लेकर रोष।
बिलासपुर से 'राकेश खरे' की रिपोर्ट
'हमसफर मित्र न्यूज'
बिलासपुर- ऊंट के मुंह में जीरा वाली कहावत सच होते दिखाई दे रहा है मामला मस्तूरी जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोकड़ी का है जहां 14 वित्त की राशि कुछ लोगों ने धोखाधड़ी से गवन किया है जिसमें 420 बीसी मामला सहित कई अन्य धाराएं लागू है सभी लोग फरार है जिसमें पचपेड़ी पुलिस ने कार्यवाही करते हुए सिर्फ एक आदमी को अभी तक गिरफ्तार किया है बाकी 5 लोग अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है 1 व्यक्ति के गिरफ्तार होने से लोग बाग में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर पचपेड़ी पुलिस के पास ऐसी कौन सी वजह है जिसके कारण 5 लोग अभी भी पचपेड़ी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है सभी जांच दल की रिपोर्ट सामने आने के बावजूद भी 5 लोगों की गिरफ्तारी नहीं होने से चर्चा का विषय बना हुआ है इस विषय में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों से लेकर जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत तक चर्चा का विषय बना हुआ है आखिरकार पचपेड़ी पुलिस के पास ऐसी कौन सी मजबूरियां है जिसके वजह से 5 लोगों को गिरफ्तार करने में अभी तक नाकामी हासिल हुई है क्षेत्रीय लोगों को पकड़ने के बजाय शहरी इलाके में बसने वाले का तो गिरफ्तार हो गया है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में बसने वाले अभी भी 5 आरोपी फरार है।
संज्ञान का विषय यह है कि जनपद पंचायत मस्तूरी 14 वित्त की राशि को 6 लोगों ने धोखाधड़ी से गमन किया है जिसका 6 महीने पूर्व लिखित में जनपद लेखापाल के द्वारा एफ आई आर दर्ज कराया गया था सभी जांच संपूर्ण होने के बावजूद अभी तक 5 लोगों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोग बाग पचपेड़ी पुलिस को संदेह की नजर से देख रहे हैं पचपेड़ी पुलिस के द्वारा ऐसे कई मामले हैं जहां कई महीनों से f.i.r. होने के बावजूद ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है पचपेड़ी पुलिस कार्रवाई करने को सक्रिय दिखाई नहीं दे रहे हैं चाहे वह शराब का मामला हो या फिर जुआ का मामला हो या फिर किसी वाद विवाद का मामला हो। जानकारी के लिए हम आपको बताते चलते हैं कि पचपेड़ी क्षेत्र में अवैध शराब की मामला बड़ी तेजी तेजी से चल रही है कई जनप्रतिनिधियों सहित ग्राम पंचायत के ग्रामीण लोग इस विषय में पुलिस अधीक्षक महोदय से लिखित में शिकायत किए हैं बावजूद इसके चिन्ह अंकित लोगों के नाम पर परवाह ही नहीं कर रही है अपितु अवैध शराब बिक्री के मामले में कुछ लोगों को कारवाही के नाम पर एफ आई आर कर अपना रिकार्ड दुरुस्त किया जा रहा है।ऐसे में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ पचपेड़ी पुलिस के ऊपर ग्रामीण लोगों का भी रोश सामने आ रहा है इस विषय में उच्च अधिकारियों से लेकर क्षेत्रीय जवाबदार अधिकारियों से भी संपर्क किया जा रहा है पर सभी अपने अपने कर्तव्यों से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
वही एक और ताजा मामला मस्तूरी जनपद के पचपेड़ी क्षेत्र के ग्राम गोडाडीह के पोस्टमेन महेंद्र कुमार जो कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत 197000 की हेराफेरी के मामले में फरार है जिसका रिपोर्ट दर्ज 7/10/2020 को मनरेगा विभाग के लेखापाल प्रदीप देवांगन के द्वारा पचपेड़ी थाना में लिखित शिकायत किया गया था बावजूद उसके अभी भी गोडाडीह के पोस्टमैन महेंद्र कुमार की गिरफ्तारी नहीं होने की वजह से सुर्खियों पर है क्योंकि जनपद पंचायत के विभागीय जांच एवं रिपोर्ट के अनुसार पोस्टमैन महेंद्र कुमार को ₹197000 की गमन करने की पुष्टि हुई है जिसकी शिकायत स्वयं मनरेगा विभाग के लेखापाल प्रदीप देवांगन ने दिनांक 7 /10/ 2020 को पचपेड़ी थाना में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराया था उसके बावजूद अभी भी पचपेड़ी पुलिस420 बीसी के आरोप में फरार पोस्टमैन महेंद्र कुमार को पकड़ने में नाकामयाब रही। पचपेड़ी पुलिस के द्वारा 420 बीसी के आरोपियों पर इतने मेहरबान होना संदेह के दायरे में लोगों को नजर आ रहा है जिसकी चर्चाएं बड़ी तेजी से चल रही है अब देखना यह है कि पचपेड़ी पुलिस आखिरकार इन सभी आरोपियों को कब गिरफ्तार कर इनकी सही जगह पर पहुंचाते हैं।

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