प्राणवायु अॉक्सिजन की खोजकर्ता जोजेफ प्रीस्टले का आज जन्मदिन हैं, जानिए कैसे हुआ अॉक्सिजन की खोज... - HUMSAFAR MITRA NEWS

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Friday, March 12, 2021

 

प्राणवायु अॉक्सिजन की खोज करने वाले जोजेफ प्रीस्टले का आज जन्मदिन 

लेखक - 'मनितोष सरकार', बिल्हा, (संचालक /संपादक) 

'हमसफर मित्र न्यूज'। 


   

अॉक्सिजन को प्राणवायु कहा जाता है। क्योंकि सभी प्राणियों को अॉक्सिजन की आवश्यकता होती हैं। अॉक्सिजन बिना कोई भी प्राणी जीवित नहीं रह सकता है। आज भी देखा जाता है कि अस्पतालों में गंभीर मरीजों को अॉक्सिजन लगाया जाता है, इस अॉक्सिजन की खोज जोजेफ प्रीस्टले ने वर्ष 1774 में किया था। 


   जोजेफ प्रीस्टले का जन्म आज के दिन 13 मार्च 1733 बुधवार को इंग्लैंड के लीड्स में हुआ था। दरअसल वह वैज्ञानिक नहीं था बल्कि एक साहित्यकार एवं चर्चों का पादरी हुआ करता था। इन्होंने वैज्ञानिक मतानुसार कई धार्मिक कथाओं का खंडन अपने पुस्तकों में किया था जिसके कारण कई बार विवादों में घिरे रहे। 


   एक बार की बात है प्रीस्टले एक चर्च में पादरी का उपाधि लेकर काम कर रहे थे, उस चर्च से कुछ ही दूरी पर एक शराब बनाने वाला कारखाना था। इनका रुचि शराब बनाने के लिए मौजूद रसायन तत्व पर आ गया। यही से उन्होंने रसायन शास्त्र के तरफ आगे बढ़े और अॉक्सिजन का खोज कर डाला। 


   प्रीस्टले ने और भी नई गैसों की भी खोज की और इनमें से जो गैसें पानी में बहुत विलेय थीं, (जैसे अमोनिया और सल्फर डाइऑक्साइड), उन्हें पारे के ऊपर इकट्ठा करने की विधि बताई। ऑक्सिजन की खोज इन्होंने १७७४ ई. में की। लगभग इन्हीं दिनों शीले नामक एक वैज्ञानिक ने भी स्वतंत्र रूप से यह गैस स्वीडन में तैयार की थी। प्रीस्टले ने पारे के ऑक्साइड पर सूर्य की किरणें १२ इंच व्यास के लेंस द्वारा केंद्रित की। ऐसा करने पर उन्होंने देखा कि एक गैस आसानी से निकल रही है। यह गैस पानी में नहीं घुलती थी और इसमें मोमबत्ती जोरों से जलती थी। इन्होंने इस गैस के भीतर साँस की खींची और साँस लेने में उन्हें सुविधा प्रतीत हुई। इस प्रकार प्रीस्टले ने ऑक्सिजन की खोज कर डाली। प्रीस्टले ने नाइट्रिक ऑक्साइड, नाइट्रस ऑक्साइड, सलफ्यूरस अम्ल, कार्बोनिक ऑक्साइड, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और अमोनिया आदि गैसों पर महत्वपूर्ण कार्य किया।


अॉक्सिजन क्या है 

   अॉक्सिजन वह गैस हैं जो हम सांसों के द्वारा ग्रहण करते हैं। नाक के माध्यम से जो वायु हम ग्रहण करते हैं उसमें अॉक्सिजन की मात्रा होती हैं जो फेफड़े के माध्यम से रक्त में पहुंचते हैं और पुरे शरीर के कोशिकाओं में पहुंचते हैं जिससे कोशिका जीवित रहते हैं। 


अॉक्सिजन से मिलती हैं ऊर्जा 

   अॉक्सिजन से हमें ऊर्जा मिलती है। हमारे खाद्य पदार्थों में मौजूद कार्बोहाइड्रेट के साथ अॉक्सिजन मिलकर ऊर्जा प्रदान करती है जो हमें शक्ति प्रदान करते हैं अतः हम जीवित रहते हैं। कुछ देर तक अॉक्सिजन नहीं मिलने पर हम निष्कृय हो जाते हैं और प्राण त्याग देते हैं। अॉक्सिजन के खोज के बाद हम उसे सिलंडर में संग्रह करके रख सके हैं और आवश्यकता अनुयायी उपयोग करते आ रहे हैं। 


   अमेरिका विज्ञान में अग्रणी होने के कारण प्रीस्टले अमेरिका में जाकर बस गए जहां 6 फरवरी 1804 में पेनसिलवेनिया के फिलाडेल्फिया नगर में उन्होंने अंतिम सांस ली।

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