श्री भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का सातवां दिन सुनाया गया सुदामा चरित्र
मल्हार से पं. गणेशदत्त राजू तिवारी की रिपोर्ट
'हमसफर मित्र न्यूज'।
मल्हार। पुरातात्विक प्राचीन नगरी स्थित पंडित रविशंकर तिवारी की ओर से स्व. लक्ष्मीन बाई तिवारी की स्मृति में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें मुख्य कथा वाचक पंडित व्यासजी उमाशंकर शर्मा महाराज जी ने आज कथा के सातवें दिन सुदामा चरित्र प्रसंग सुनाया। सुदामा की कथा को सुन श्रद्धालुओं की आंखों से आंसू छलक पड़े। कथा व्यास पंडित उमाशंकर जी ने कहा कि भगवान कृष्ण ने अपने पुराने सखा जो दीन हीन हालत में थे, उनके चरण पखारकर चावल का रसास्वादन किया। तीन मुट्ठी चावल के बदले तीन लोकों का राज्य देने का मन बना लिया था। इससे तात्पर्य है कि मित्रता में एक दूसरे का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें कोई छोटा बड़ा नहीं होता। सत्ता पाकर व्यक्ति को घमंड नहीं करना चाहिए, बल्कि उसे श्रीकृष्ण जैसा विनम्रता एवं उदारता का आचरण अपनाना चाहिए, जो इंसान श्रीकृष्ण जैसा आचरण अपना लेता है, वह संसार की मोह माया से पूरी तरह त्याग कर देता है। कथावाचक व्यास जी ने बतलाया सुदामा गरीबी की मार झेल रहा थे उनकी पत्नी सुशीला ने कहा स्वामी द्वारकाधीश आपके बचपन के मित्र है। आप उनके यहां जाऐंगे, तो श्री कृष्ण आपकी मदद जरूर करेंगे।पत्नी की बात सुन सुदामा ने कहा विपत्तियों में कहीं नहीं जाना चाहिए।अगरमै वहां जाता हूँ, तो मेरे पास कुछ ले जाने के लिए नहीं है।सुशीला पडोसियों के घर से चार मुठ्ठी चांवल लेकर आती है और पोटली मे बांधकर सुदामा को देकर श्री कृष्ण के पास भेजती है।द्वारपाल श्री कृष्ण को बताते हैं कि एक भिखारी आया है कह रहा है कि श्रीकृष्ण मेरा मित्र हैऔर अपना नाम सुदामा बता रहा है ।यह सुनते ही श्री कृष्ण नंगे पांव दौडते हुए सुदामा के पास पहुंचे और गले लगा लिया।यह प्रंसग सुनकर प्रांगण में बैठे श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।जिसमें आसपास व दूर दराज से पधारे सभी श्रद्धालुओं ने झांकियों का लुत्फ उठाया। उसके बाद श्रद्धालुजनों को बृज का प्रसाद वितरित किया गया।
श्री मद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह आयोजक ।
श्रीमति पुष्पा तिवारी. श्री रविशंकर तिवारी जी मल्हार।




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