अपने पुर्वजों के उद्धार के लिए किया गया 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा संपन्न
मल्हार से पं. गणेशदत्त राजू तिवारी की रिपोर्ट
'हमसफर मित्र न्यूज'।
मल्हारःप्राचिन ऐतिहासिक धर्मनगरी मल्हार में श्री रविशंकर तिवारी की निवास में स्व श्रीमति लक्ष्मीन बाई तिवारी के स्मृति व अपने पुर्वजों के उद्धार के लिए सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा संपन्न हुआ.
सात दिनों तक चलें इस भागवत कथा में चार वेद, पुराण, गीता एवं श्रीमद भागवत महापुराणों की व्याख्या, प्रभुपाद, श्रीमद व्यास पंडित उमाशंकर शर्मा के मुखारवृंद से श्रवण कर उपस्थित भक्तगण गदगद हो गया.
सात दिनों तक भगवान श्री कृष्णजी के वात्सल्य प्रेम, असीम प्रेम के अलावा उनके द्वारा किये गये विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया. सात दिवसीय इस धार्मिक अनुष्ठान के सातवें एवं अंतिम दिन श्री व्यास उमाशंकर शर्मा जी ने भगवान श्री कृष्ण जी के सर्वोपरी लीला श्री श्री रास लीला, मथुरा गमन, दुष्ट कंसराजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंसबध, कुबजा उद्धार, रुक्मिणी विवाह, शिशुपाल वध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्तिरस में डुबो दिया.
श्री उमाशंकर शर्माजी एवं सहयोगियों द्वारा प्रस्तुत की गई एक से एक भजन से लोगों उनके ताल एवं धुन पर नृत्य करने के लिए विवश कर दिया. श्री व्यासजी महाराज ने सुंदर समाज निर्माण के लिए गीता से कई उपदेश के माध्यम अपने को उस अनुरूप आचरण करने को कहा. कहा : जो काम प्रेम के माध्यम से संभव है वह हिंसा से संभव नहीं हो सकता है. क्षणभंगुर इस जीवन में देश एवं समाज के लिए अच्छे कामों द्वारा अपना छाप छोड़ने को कहा. समाज में कुछ लोग ही अच्छे कर्मों द्वारा सदैव चिर स्मरणीय होता है. इतिहास इसका साक्षी है.
लोगों ने इस संगीतमयी भागवत कथा का आनंद उठाया. इस सात दिवसीय भागवत कथा में आस पास गांव के अलावा दूर दराज से काफी संख्या में महिला-पुरूष भक्तों ने इस कथा का आंनद उठाया. सात दिनों तक इस कथा में पुरा वातावरण भक्तिमय रहा . कथा के समापन के बाद हवन यज्ञ और ब्राह्मण भोजन, भंडारे का श्री रविशंकर तिवारी जी ने आयोजन किया। भागवत कथा का आयोजन रविशंकर तिवारी कमरीद वाले परिवार करवाया गया।।
कथा व्यास पंडित उमाशंकर जी ने सात दिन तक चली कथा में भक्तों को श्री मद्भागवत कथा की महिमा बतलाया।उन्होंने बताया कि भागवत कथा केश्रवण से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है।श्री मद्भागवत से जीव में भक्ति,ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होता है।इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं।।
सोमवार को विधिविधान से पुजा करवाया, दोपहर तक हवन और भंडारा कराया गया।इसमें यजमान रविशंकर तिवारी जी ने अपने पूरे परिवार के साथ आहुति डाली,नगर से आए श्रद्धालुओं ने भी हवनकुंड में आहुति दी।
पुजन के बाद कपिलातर्पन, सहसत्रधारा शांति पाठ किया गया।
तिवारी परिवार के द्वारा उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया, आंनदपूर्ण वातावरण में श्री मद्भागवत कथा संपन्न हुआ।
आयोजन कर्ताः पंडित रविशंकर पुष्पा तिवारी जी(कमरीद वाले)।




No comments:
Post a Comment