दरोगा ने दो सिपाहियों के साथ मिलकर लुटे 30 लाख, ऐसे हुआ खुलासा, गिरफ्तार
'हमसफर मित्र न्यूज'।
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। पुलिस बने लुटेरा। जी हां, गोरखपुर के रेलवे बस स्टेशन से अगवा कर नौसड़ चौकी के पास ले जाकर महाराजगंज के दो व्यापारियों से 19 लाख रुपये नकद व 11 लाख रुपये का सोना लूटने के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर पर्दाफाश कर दिया है। घटना में बस्ती में तैनात दरोगा धर्मेंद्र यादव, कांस्टेबल संतोष यादव और कांस्टेबल महेंद्र यादव शामिल हैं। धर्मेंद्र यादव गोरखपुर, महेंद्र गाजीपुर और संतोष जनपद मऊ का निवासी है। गोरखपुर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बुधवार को महाराजगंज के व्यापारी दीपक वर्मा और रामू के साथ वारदात हुई थी। रेलवे बस स्टेशन से जनरथ बस से दोनों व्यापारी को लेकर आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया था और इनके वर्दी में होने की वजह से वर्दी वाले बदमाशों पर शक था लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि असली पुलिस वालों ने ही लूट की घटना को अंजाम दिया है।
घटना के बाद एक पीड़ित ने रिश्तेदार के माध्यम से नौसड़ चौकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पहले तो मामले को फर्जी बताया, बाद में सक्रिय हुई। सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच की टीम, सीओ कोतवाली वीपी सिंह मौके पर पहुंच गए। डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने खुद मौका मुआयना किया। उन्हांने पर्दाफाश के लिए तीन टीमें गठित कीं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों को भी खंगालना शुरू कर दिया।
'साभार'।

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