नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री की पूजा
'पं. गणेशदत्त राजू तिवारी जी महाराज', मल्हार
'हमसफर मित्र न्यूज'।
शारदीय नवरात्र के पहले दिन अाराध्य की देवी मां शैलपुत्री की पूजा होगी। जो मां दुर्गा का आदि स्वरूप हैं। पर्वतराज हिमालय की पुत्री हाेने के कारण इनको शैलपुत्री कहा जाता है।
वन्दे वांछित लाभाय,चन्द्रार्थकृत शेखराम्।
व्रषभरुढ़ां शूलधरो, शैलपुत्री यशस्विनीम्।।
इन पर होगी मां शैलपुत्री की विशेष कृपा
मिथुन, सिंह व मीन राशि के जातकों पर मां शैलपुत्री की विशेष कृपा होगी।
शारदीय नवरात्रि व्रत में इन बातों का रखें खास ख्याल
नवरात्रि के दौरान व्यक्ति को तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए। तामसिक भोजन में लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा सम्मिलित होते हैं। इन्हें घर पर भी नहीं लाना चाहिए।
व्यक्ति को अनाज और नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। हालांकि, व्रत में कई लोग सेंधा नमक का सेवन करते हैं।
नवरात्रि में चमड़े से बनी किसी भी चीज का इस्तेमान न करें।
पूजा करते समय धूप का इस्तेमाल करें। अगरबत्ती बांस और केमिकल से बनाई जाती है। इसका स्वास्थ्य पर खराब असर होता है।
माता रानी की पूजा करते समय उनकी पुरानी या फिर खंडित मूर्ति का इस्तेमान न करें।
पूजा के बाद मां दुर्गा की आरती जरूर करें। पूजा में जो भी कमी रह जाती है या फिर गलती हो जाती है वो आरती से पूरी हो जाती है।
इस दौरान जो लोग व्रत करते हैं उन्हें दिन में सोना नहीं चाहिए।
जो भी व्यक्ति नवरात्रि का व्रत करते हैं उन्हें नाखून, दाढ़ी-मूंछ और बाल नहीं कटाने चाहिए।
पूजा करते समय जब आरती की जाए तो इसे खंड-खंड में न करें एक ही बार में संपन्न करें। जो व्यक्ति व्रत कर रहा है उसे स्वच्छ वस्त्र पहनने चाहिए।
इस बार घोड़ा पर होगा देवी का आगमन और भैंस में सवार होकर वापस होगी।
इस बार दुर्गा मां का वाहन सिंह है, लेकिन इस बार मां दुर्गा का वाहन घोड़ा रहेगा. इस नवरात्रि में देवी का आगमन घोड़े पर होगा. हर साल नवरात्र पर देवी अलग-अलग वाहन से धरती पर आती हैं. नवरात्रि की शुरुआत शनिवार के दिन से हो रही है. नवरात्रि का पहला दिन शनिवार होने के कारण मां दुर्गा घोड़े की सवारी करते हुए पृथ्वी पर आएंगी. जब मां दुर्गा की सवारी घोड़ा रहता है तब पड़ोसी देशों से युद्ध, गृह युद्ध, आंधी-तूफान और सत्ता में उथल-पुथल जैसी गतिविधियां बढ़ने की आशंका रहती है. साथ ही नवरात्र का आखिरी दिन रविवार होने से देवी भैंसे पर सवार होकर जाएंगी, इसके अशुभ फल के अनुसार देश में रोग और शोक बढ़ने की आशंका है.
पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट
लाल चुनरी, आम के पत्ते, लाल वस्त्र, मौली, श्रृंगार का सामान, दीपक, घी/ तेल, लंबी बत्ती के लिए रुई या बत्ती, धूप, अगरबत्ती, माचिस, चौकी, चौकी के लिए लाल कपड़ा, नारियल, दुर्गा सप्तशती किताब, कलश, साफ चावल, कुमकुम, फूल, फूलों का हार, चालीसा व आरती की किताब, देवी की प्रतिमा या फोटो, पान, सुपारी, लाल झंडा, लौंग, इलायची, बताशे या मिसरी, कपूर, उपले, फल-मिठाई, कलावा, मेवे की खरीदारी जरूर कर लें.
जानें किस दिन कौन सी देवी की होगी पूजा
17 अक्टूबर- मां शैलपुत्री पूजा घटस्थापना
18 अक्टूबर- मां ब्रह्मचारिणी पूजा
19 अक्टूबर- मां चंद्रघंटा पूजा
20 अक्टूबर- मां कुष्मांडा पूजा
21 अक्टूबर- मां स्कंदमाता पूजा
22 अक्टूबर- षष्ठी मां कात्यायनी पूजा
23 अक्टूबर- मां कालरात्रि पूजा
24 अक्टूबर- मां महागौरी दुर्गा पूजा
25 अक्टूबर- मां सिद्धिदात्री पूजारी।


No comments:
Post a Comment