कौन-सा 5 नारी का वर्णन आता है रामचरित मानस में
जय श्री राधे पंडित श्री प्रदुम्न जी महराज मुढ़ीपार बिल्हा ९९२६२७३७७२
'हमसफर मित्र'।
राम चरित्र मानस में 5 नारी का वर्णन आता है ये पांचो नारीश्री राम जी को पाना चाहती हैं 1 सती 2 सीता 3 सूर्पनखा 4 शबरी 5 स्वयंप्रभा पांचो नारी की एक ही राशि है 1 नंबर में सती जी परीक्षा से जौ तुम्हरें मन अति संदेहू ,,, तव किन जाई परीक्षा लेहु ,, 2 सीता जी इच्छा से 3 सूर्पनखा समीक्षा से 4 शबरी प्रतीक्षा से 5 स्वयंप्रभा शिक्षा से सती जी परीक्षा से तुम्हारे मन मे संदेह है तो जाकर परीक्षा लेलो बाबा शंकर ने कहा बट छाया के नीचे तुम्हरा इंतिजार करूँगा सती जी गई परीक्षा लेने श्री राम के पास जिस रास्ते से श्रीराम जी आ रहे थे साहब ऊसी रास्ते मे सती जी ने भगवती सीता जी का रूप बनाया। पुनि पुनि ह्रदय विचार कर,, धर सीता कर रूप,,, आगे होई तेहि पंथ जन, तेहि आवत नर भूप। एक तो किसी का नकल नही करना चाहिये और कोई नकल करते है तो अकल में ज्यादा ध्यान देना चाहिये नही तो फैल हो जाते है सती जी ने देवी सीता का नकल किया कैसे किया आगे होइहि तेहि पंथ जन तेहि आवत नर भूप नकली सीता के रूप बना के हा राम हा राम हाय राम आगे राम जी पीछे लक्ष्मण जी तुलसी दास महराज लिखते है लक्ष्मण दिख उमा कृत वेषा, लक्षमण जी ने देखा श्री राम जी ने नही देखा कभी कभी ऐसा होता है आगे वाले नही देखते है और पीछे वाले देखते है लक्ष्मण जी ने देखा तो किसे देखा न तो सती देखा न तो सीता देखा जिसका अभी जन्म नही हुआ है उसे लक्ष्मण जी ने देखा लक्ष्मण दिख उमा कृत वेषा चकित भई भ्रम हृदय विशेखा , कहि न सकत कछु अति गंभीरा। , प्रभु प्रभाव जानत मति धीरा। लक्ष्मण जी ने देखा तो क्या देखा जिसका अभी जन्म नही हुआ है उमा कृत वेषा। उमा को देखा एक साहब ने तुलसी दास महराज से पूछा लक्ष्मण जी ने देखा आगे में राम जी है आगे वाले ने नही देखा बाबा तुलसी दास कहते हैं सज्जनो लक्ष्मण जी है वैराग्य सीता जी भक्ति राम जी ज्ञान। ,,, भक्ति ज्ञान वैराग्य जन सोहत धरे शरीर ,, लक्ष्मण जी है वैराग्य वैराग्य की दृष्टि इतनी तेज होती है साहब एक जन्म की क्या बात अनेको जन्म के बारे में बता देते है ये सती सीता तो हो नही सकती ये नकली सीता का रूप बनाया है अब सती तुम्हे सती के शरीर को छोड़ कर के उमा के नाम से विख्यात हो जाएगा इसीलिये लक्ष्मण दिख उमा कृत वेषा जय श्रीराम
पंडित श्री प्रदुम्न उपाध्याय


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