फर्जी पत्रकार गिरफ्तार, जेल दाखिल
'हमसफर मित्र'।
पत्रकार बनकर लोगों को धौंस दिखाकर अवैध रूप से उसूली करने वाले फर्जी पत्रकार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह ढाई साल से फरारी काट रहा था। मामला 6 अक्टूबर 2017 की है।मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर जिले के पचपेड़ी थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत केवटाडीह के पूर्व सरपंच श्रीमती निर्मला देवी राय ने 6 अक्टूबर 2017 को पचपेड़ी थाना पहुंच कर कथित पत्रकार के खिलाफ केस दर्ज किया था। निर्मला देवी राय ने कहा कि कथित पत्रकार डी पी गोस्वामी ने 'नया इंडिया' समाचार पत्र का ब्यूरो चीफ का धौंस दिखाकर मुझसे 50 हजार रुपये की मांग की। रुपये नही देने पर पंचायत के सारे गड़बड़ी को पेपर में छपवाकर तुम्हें बदनाम कर दुंगा।
इस मामले का शिकायत निर्मला देवी ने उक्त दिन पचपेड़ी थाने में जाकर एफआईआर दर्ज की। एफआईआर दर्ज के बाद से आरोपित पत्रकार फरार हो गया था। इस पर पचपेड़ी पुलिस ने अपराध क्रमांक 195/2017, धारा 384, 34 के तहत अपराध दर्ज कर फरार आरोपित का सरगर्मी से तलाश की जा रही थी। जिसे मुखबिर के सूचना के आधार पर घेराबंदी कर घर से गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से न्यायाधीश के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि इस तरह के कुछ फर्जी पत्रकारों के चलते पत्रकार जगत बदनाम हो रहा है। ऐसे पत्रकार सीधे-सादे लोगों को शिकार बना कर उससे अवैध उसूली कर मालामाल बन रहे हैं। जिसका प्रभाव सभी पत्रकार बंधुओं पर असर पड़ रहा है। कुछ माह पूर्व एक युवक और युवती कार में 'प्रेस' लिखवाकर कई व्यवसायी और शासकीय कर्मचारीयों को शिकार बनाया है। जिसका शिकायत कई थानों में दर्ज है, जिन्हें तलाश की जा रही है।
पत्रकारों को समाज के लिए भलाई के नजरों से देखा जाता है। पर कुछ इस तरह के पत्रकार हैं जो पुलिस के साथ सांठ-गांठ कर मुखबिरी का काम करता है। ऐसा भी कुछ फर्जी पत्रकार हैं जो अवैध उसूली में नाकाम होने पर उसका शिकायत उच्चाधिकारियों से करवा कर बदला लेते हैं। जिससे कि अगले बार दहशत में आकर अपना जेब गरम कर सके। फिलहाल पुलिस को असली और नकली पत्रकारों का पहचान कर उस पर नकेल कसना चाहिए और इस प्रकार खुले आम लूटने वालों पर उचित कार्यवाही करना चाहिए।
'हमसफर मित्र' का प्रायोजक हैं 'साइंस वाणी'


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