ब्रिटेन में कोरोना के वैक्सीन का ट्रायल शुरू - HUMSAFAR MITRA NEWS

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Thursday, June 25, 2020


ब्रिटेन में कोरोना के वैक्सीन का ट्रायल शुरू 


 दुनिया भर में कोरोना के टीके और दवा के लिए होड़ लगे हुए हैं। प्रतियोगिता के तरह काम चल रहा हैं। कौन पहले इसका निराकरण ढूंढ सकते हैं। भारत में एलोपैथी के बाद आयुर्वेदिक दवा का निर्माण लगभग तय है। वैसे ही अन्य देश भी तैयारी में पीछे नही है। अमेरिका, ब्रिटेन सहित कई अन्य देशों ने निराकरण के करीब पहुंच चुके हैं।

   एक तरफ दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 1 करोड़ के पास पहुंच गई है तो अब वैक्सीन डिवेलपमेंट में भी तेजी आ गई है। इस बीच लंदन में नए वैक्सीन का मानवीय परीक्षण शुरू हो गया है। इंपीरियल कॉलेज लंदन की ओर से विकसित किए गए वैक्सीन का टीका आने वाले सप्ताहों में करीब 300 लोगों को लगाया जाएगा।

   जानवरों पर हुए परीक्षण में वैक्सीन सुरक्षित पाया गया है और प्रभावी इम्यून विकसित करने में सफल रहा है। इसके अलावा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी भी ह्यूमन ट्रायल शुरू कर चुका है। दुनिया में करीब 120 वैक्सीन प्रोग्राम पर काम चल रहा है।

   बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इंपीरियल कॉलेज में शुरू हुए ट्रायल में 39 वर्षीय कैथी पहले कुछ वॉलंटियर्स में से हैं। उन्होंने कहा कि वह कोरोना के खिलाफ जंग का हिस्सा बनना चाहती हैं और इसके लिए आगे आई हैं। कैथी ने कहा, ''जब तक वैक्सीन नहीं बन जाता है, चीजें पहले की तरह सामान्य नहीं हो सकती हैं। इसलिए मैं इसका हिस्सा बनना चाहती हूं।''

   इस फेज के बाद अक्टूबर में दूसरा ट्रायल शुरू होगा, जिसमें 6 हजार लोगों को शामिल किया जाएगा। इंपीरियल टीम को उम्मीद है कि ब्रिटेन और दुनियाभर में 2021 की शुरुआत में वैक्सीन उपलब्ध कराया जा सकता है। इस बीच प्रिंस विलियम ने ऑक्सफोर्ट यूनिवर्सिटी के ट्रायल में शामिल हो रहे वॉलेंटियर्स से चर्चिल हॉस्पिटल में मुलाकात की है।

   कई पारंपरिक टीके वायरस के कमजोर या संशोधित रूप या इसके कुछ हिस्सों पर आधारित हैं, लेकिन इंपीरियल वैक्सीन नए अप्रोच पर आधारित है। इसमें जेनेटिक कोड, जिसे आरएनए कहा जाता है, का सिनथेटिक स्ट्रेंड्स इस्तेमाल किया गया है, जो वायरस की नकल करता है। एक बार जब यह शरीर में प्रवेश करता है तो आरएनए खुद को बढ़ाता है और शरीर की कोशिकाओं को उन प्रोटीन को बढ़ाने का निर्देश देता है जो वायरस के बाहरी हिस्से पर पाया जाता है। इससे शरीर का इम्यून सिस्टम कोरोना वायरस की पहचान करते हुए उसके खिलाफ प्रतिरोध हासिल कर लेता है।


'हिन्दुस्तान' 

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