केला है शरीर के लिए वरदान
लेखक - प्रभा पारीक
बारह महिने पाये जाने वाले केला जितना फायदे गर्मी के मौसम में करते हैं उतना दुसरे मौसम में नहीं करते। हालांकि इसमें कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम आदि के कारण उच्च रक्तचाप और दिल के रोगी बारह महिने इसे सेवन कर सकते हैं।
केला पौष्टिक के साथ-साथ स्वादिष्ट, रोचक, मधुर, शक्तिशाली, मांस व वीर्य वृद्धि वाले, नेत्र दोष में हितकारी फल है। इसके नियमित सेवन से शरीर हष्ट-पुष्ट होने के साथ-साथ यह कफ, रक्त, पित्त, वात और प्रदर के रोगों को नष्ट करने में सक्षम हैं।
* पेट के जलन व पेट के अन्य सामान्य रोगों में इसे शक्कर के साथ खाने से आराम मिलता है।
* अल्सर में कच्चा केला राम वाण की तरह काम करते हैं।
* महिलाओं के लिए रक्त प्रवाह की अधिकता के समय पके केले को दूध में मसल कर खाना लाभकारी माना गया है।
* बार-बार की पेशाब के समस्या में इसको घी के साथ खाना लाभकारी है।
* जले हुए स्थान पर केला मसल कर लगाने से जलन दूर होकर आराम मिलता है।
* पेचिश रोग में इसे दही के साथ खाने से आराम मिलता है।
* केला कब्ज हारी है। रोज केला खाने से पेट ठंडा और साफ रखता है।
* दाद होने पर इसे नींबू के रस के साथ पेस्ट बनाकर लगाने से आराम मिलता है।
* चोट लगे स्थान पर खून का बहाव रोकने के लिए केले के डंठल का रस लगाना लाभकारी होता है।
* केला छोटे बच्चों के लिए उत्तम और पौष्टिक आहार हैं।
केले में मैग्नीशियम की काफी मात्रा होती है। जिससे शरीर की धमनियों में खून पतला होने के कारण खून का बहाव सही रहता है। कोलेस्ट्राल की मात्रा कम होती है। केले के नियमित सेवन से कई रोगों से बचा जा सकता हैं।

No comments:
Post a Comment