ऑगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं नें सरकार से मांगी- सुरक्षा सहयोग
बिल्हा। संजय मिश्रा ('हमसफर मित्र')
हमारे देश तथा प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ रहा है वर्तमान में जो कोरोना पाजिटिव पाए गए हैं वे सभी प्रवासी मजदूरों के द्वारा पाए गए हैं, सरकार द्वारा इन प्रवासी मजदूरों के देख-रेख के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया है जिसकी यथासंभव निगरानी एवं देखभाल का संपूर्ण जवाबदारी ग्राम पंचायत प्रबंधन को सौंप दिया गया है, चूंकि पंचायत स्तर पर लगभग सभी जनप्रतिनिधि नवनिर्वाचित है तो ऐसे में अधिकांश क्वारेंटाइन सेंटर असुरक्षित एवं खतरनाक स्थिति में है ऐसे में ग्राम पंचायत प्रबंधन के द्वारा बिना कोई लिखित आदेश के तथा बिना कुछ सुरक्षा व्यवस्था के ऑगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की ड्यूटी तीन से छह घंटो के लिए संक्रमण से ग्रसित और अन्य राज्यों से आए हुए लोगों की जानकारी उपलब्ध करवानें के लिए लगा दी गई है, ना मास्क, ना सेनिटाईजर और ना ही पीपीई किट, जरूरी संसाधनो के बिना ही इन कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रतिदिन सैकड़ों लोगों के संपर्क में आना पड़ता है जिससे इन पर गंभीर संक्रमण का खतरा संभावित हैं।गौरतलब है कि इनके द्वारा नियमित रूप से घर घर जाकर गर्भवती, शिशुवती माताओं और बच्चों को पोषण आहार के लगातार वितरण के साथ साथ अनौपचारिक शिक्षा शासन प्रशासन के दिशा निर्देश अनुसार अनवरत दी जा रही है जिसकी प्रशंसा वर्ल्ड बैंक और छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा किया जा चुका है, एवं बिल्हा ब्लाक के इन्हीं ऑगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका नें अपनें-अपनें एक दिन का
मानदेय कुल राशि 57490/- सन्तावन हजार चार सौ नब्बे रूपये मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करके इस विकट परिस्थिति में एक सराहनीय योगदान दिया है,
छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी जिलों से यह संदेश सुननें को मिल रहा है सभी जगह यही स्थिति उत्पन्न हो रही है,
बिलासपुर जिला अंतर्गत ऑगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ बिल्हा ब्लाक के अध्यक्ष प्रियंका सिंह नें बताया कि उनके नेतृत्व में जिलाध्यक्ष के द्वारा राज्य सरकार से निम्नलिखित बिंदुओं में सहयोग प्रदान करने हेतु निवेदन किया जाएगा-






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