तुलसी की दो सेवाओं का महत्व - HUMSAFAR MITRA NEWS

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Monday, October 26, 2020

 

तुलसी की दो सेवाओं का महत्व 

पं. गणेशदत्त राजू तिवारी जी महाराज, मल्हार 

'हमसफर मित्र न्यूज'। 

तुलसी_की_दो_सेवायें_हैं 

प्रथम सेवा -

               तुलसी की जड़ो में ...

         प्रतिदिन जल अर्पण करते रहना !केवल एकादशी को छोड़ कर। 

द्वितीय सेवा -

           तुलसी की मंजरियों को तोड़कर 

          तुलसी को पीड़ा मुक्त करते रहना ,

           क्योंकि ~ 

             ये मंजरियाँ तुलसी जी को 

             बीमार करके सुखा देती हैं !


    जब तक ये मंजरियाँ तुलसी जी के 

 शीश पर रहती हैं , तब तक तुलसी माता 

               घोर कष्ट पाती हैं !


            इन दो सेवाओं को ...

             श्री ठाकुर जी की सेवा से 

                कम नहीं माना गया है !   

            इनमें कुछ सावधानियाँ रखने की 

                        आवश्यक्ता है !


जैसे ~    तुलसी दल तोड़ने से पहले 

         तुलसीजी की आज्ञा ले लेनी चाहिए !

            सच्चा वैष्णव बिना आज्ञा लिए ...

       तुलसी दल को स्पर्श भी नहीं करता है !


 रविवार और द्वादशी के दिन 

तुलसी दल को नहीं तोड़ना चाहिए , तथा

कभी भी नाखूनों से तुलसी दल को 

नहीं तोड़ना चाहिए ! न ही एकादशी को जल देना चाहिये क्यो की इस दिन तुलसी महारानी भी ठाकुर जी के लिये निर्जल व्रत रखती हैं।ऐसा करने से महापाप लगता है !

कारण --> तुलसीजी श्री ठाकुर जी की

             आज्ञा से केवल इन्ही दो दिनों 

                 विश्राम और निंद्रा लेती हैं !

बाकी के दिनों में वो एक छण के लिए भी 

सोती नही हैं और ना ही विश्राम लेती हैं !

      आठों पहर ठाकुर जी की ही ...

          सेवा में लगी रहती है। 

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